बिहार: बाढ़ पर ट्वीट करने के बाद पीएम मोदी पर कांग्रेस और जेडीएस ने साधा निशाना, कही ये बात
कर्नाटक में विपक्षी कांग्रेस और जद(एस) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की ओर से बाढ़ राहत कोष जारी करने के मुद्दे पर राज्य के साथ बेरुखा बर्ताव कर रहे हैं.
बेंगलुरु: कर्नाटक में विपक्षी कांग्रेस और जद(एस) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर आरोप लगाया कि वह केंद्र की ओर से बाढ़ राहत कोष जारी करने के मुद्दे पर राज्य के साथ बेरुखा बर्ताव कर रहे हैं. बिहार में सितंबर के अंतिम हफ्ते में हुई भारी बारिश से आई बाढ़ के बारे में मोदी के ट्वीट के बाद कर्नाटक में विपक्षी दलों ने यह नाराजगी जाहिर की. मोदी ने सोमवार को ट्वीट किया, ‘‘राज्य के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ की स्थिति के बारे में नीतीश कुमार जी से बात की.(बाढ़)पीड़ितों की सहायता के लिए एजेंसियां स्थानीय प्रशासन के साथ काम कर रही हैं. केंद्र जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद मुहैया करने के लिए तैयार है.’’पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया ने मोदी के ‘ट्वीट’ को ‘रीट्वीट’ करते हुए यह जानना चाहा कि कर्नाटक के लिए ‘‘नफरत’’ क्यों है और मोदी कोई जवाब क्यों नहीं दे रहें, जबकि कर्नाटक के कई इलाके बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं.उन्होंने कहा, ‘‘60 दिनों से अधिक समय से कर्नाटक के कई हिस्से बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हैं.’’
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘न रहने के लिए सिर पर छत है, न खाने के लिए कुछ है, मवेशी मर रहे हैं, फसलें बर्बाद हो गई हैं-लेकिन नरेंद्र मोदी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं.’’उन्होंने ट्वीट में पूछा, ‘‘कर्नाटक के प्रति यह नफरत क्यों है? ’’कांग्रेस नेता ने कर्नाटक से भाजपा के 25 लोकसभा सदस्यों की ‘अकर्मण्यता’ पर भी सवाल करते हुए उनसे पूछा कि वे क्या कर रहे हैं.उन्होंने चित्रदुर्ग जिले में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा कह रहे हैं कि उनकी (भाजपा) सरकार ने बाढ़ पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति को 10,000 रुपये दिये हैं लेकिन लोगों ने इसमें भेदभाव करने के आरोप लगाये हैं.
सिद्धरमैया ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने उन लोगों को रुपये नहीं दिये जिन्होंने कांग्रेस का समर्थन किया था और सिर्फ भाजपा समर्थकों को पैसे मिले हैं। मकानों का पुननिर्माण करने के लिए, फसलों और मवेशियों को पहुंचे नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए अब तक धन नहीं जारी किया गया है। जिनके मकान नष्ट हो गये उन्हें सिर छिपाने के लिए छत तक नहीं दिया गया है.’’पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ जी परमेश्वर ने कहा कि वह बिहार को ‘तीव्रता’ से दी गई सहायता की सराहना करते हैं लेकिन उन्होंने यह ट्वीट भी किया, ‘‘हम केंद्र द्वारा कर्नाटक के प्रति दिखाई गई गंभीर उदासीनता के बारे में सोचना बंद नहीं कर सकते. यह भी पढ़े: बिहार में बाढ़ के बीच Super 30 फिल्म देखने पर डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने दी सफाई, देखें Video
’’उन्होंने लिखा, ‘‘कर्नाटक और दक्षिण भी भारत का हिस्सा हैं, नरेंद्र मोदी जी! ’’उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘...क्या बिहार की 40 सीटों के सामने कर्नाटक की 28 सीटें नगण्य हैं, जिस कारण नीतीश कुमार को फोन आया जबकि कर्नाटक बाढ़ के बारे में बात करने की बी एस येदियुरप्पा की बार-बार की कोशिशें खारिज हो गई.’’उन्होंने कहा, ‘‘हम भी इसी देश में हैं, श्रीमान. आप जो कर रहे हैं वह अच्छा नहीं कर रहे हैं।’’जद(एस) ने ट्वीट किया, ‘‘नरेंद्र मोदी जी, आप कर्नाटक की मदद करने में इसी तरह की रुचि क्यों नहीं प्रदर्शित कर रहे हैं? आप चुनाव के दौरान कई बार कर्नाटक आए लेकिन आप अब लोगों के दुख में शामिल नहीं होना चाहते।’’गौरतलब है कि कर्नाटक में अगस्त में आई बाढ़ में 84 लोगों की मौत हो गई, जबकि लाखों हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई। करीब 1.5 लाख मकान क्षतिग्रस्त हो गये
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 01, 2019 10:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

