Condom in School Bag: बच्चों के स्कूल बैग में मिले कंडोम और गर्भनिरोधक गोलियां, टीचर भी हैरान
कक्षा 10 के छात्रों, लड़कों और लड़कियों दोनों के बैग में कंडोम और गर्भनिरोधक पाए गए. सूत्रों ने कहा कि पूछताछ करने पर, छात्रों ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि उन्हें अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच कुछ मौज-मस्ती करने की जरूरत है.
बेंगलुरू, 30 नवंबर: बेंगलुरू के स्कूलों में स्कूल बैग की नियमित जांच के दौरान छात्रों के पास से कंडोम, गर्भनिरोधक गोलियां, सिगरेट और व्हाइटनर जैसी सामग्री मिलने के मामले ने सभी को हैरान कर दिया है. कर्नाटक में एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ स्कूल्स (केएएमएस) के महासचिव डी. शशिकुमार नवे कहा- स्कूलों में शराब का सेवन, वोडका के शॉट्स लेने जैसी घटनाएं इन दिनों काफी आम हो गई हैं. लेकिन, परेशान करने वाली बात यह है कि ऐसे पदार्थ भी अब स्कूलों में बच्चों के बैग से पाए जा रहे हैं. Haryana: 21 लाख रुपए आया छोटे से मकान का बिजली बिल, मालकिन ने बांटी मिठाई, VIDEO में देखें कैसे बजवाया ढोल
शशिकुमार ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि यह तो हिमशैल का सिरा है, यानी बहुत बड़ी और अज्ञात किसी चीज का छोटा सा हिस्सा है. स्कूलों ने इन बच्चों को 10 दिन की छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है. प्रबंधन ने सूचनाओं को गोपनीय रखने और छात्रों और उनके माता-पिता के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था करने का भी निर्णय लिया है. चेकिंग मुख्य रूप से बेंगलुरु के बाहरी इलाके में स्थित स्कूलों में आयोजित की गई थी.
कक्षा 10 के छात्रों, लड़कों और लड़कियों दोनों के बैग में कंडोम और गर्भनिरोधक पाए गए. सूत्रों ने कहा कि पूछताछ करने पर, छात्रों ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि उन्हें अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच कुछ मौज-मस्ती करने की जरूरत है. व्यवहार को कोविड महामारी के दौरान दो साल की अलगाव अवधि के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जाता है क्योंकि बच्चे अपना अधिकांश समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के साथ बिताते हैं.
बदनामी के डर से अभिभावक और स्कूल प्रबंधन इन तथ्यों को छुपाते हैं. छोटे-छोटे बच्चे हैं जो ड्रग पेडलर हैं. शशिकुमार ने कहा कि अगर मामला उच्च स्तरीय समिति तक पहुंचता है, तो हम इसके बारे में बोलेंगे.
यह केएएमएस की सलाह के अनुसार स्कूल प्रबंधन द्वारा किया गया नियमित अभ्यास था. एक बैठक में छात्रों के हित में इन तथ्यों पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा, मैंने चार दिन पहले इस संबंध में बाल कल्याण समिति को एक आवेदन दिया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया. उन्होंने कहा कि बच्चों के एक समूह के अधिकारों की रक्षा के लिए अन्य बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन किया गया है. ये बच्चे दूसरे बच्चों का शोषण कर रहे हैं. बच्चों के बीच नशीला पदार्थ और तंबाकू का सेवन, साथियों का दबाव, लड़ाई-झगड़े, जैसी परेशान करने वाली चीजें हो रही हैं. दुर्भाग्य से कोई भी बच्चों से पूछताछ करने में सक्षम नहीं है.
शशिकुमार ने कहा कि माता-पिता असहाय हैं और शिक्षक अनिच्छुक हैं क्योंकि आजकल बच्चों से थोड़ी सी भी पूछताछ एक अपराध है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 30, 2022 10:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

