Cockroach Janata Party: सोशल मीडिया पर तेजी से उभरे राजनीतिक आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 6 जून को भारत लौटने का एलान किया है. वर्तमान में अमेरिका में रह रहे दिपके नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगे. इस प्रदर्शन के जरिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता और नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जाएगी.
दिपके ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह संवैधानिक और शांतिपूर्ण होगा. इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में कथित कमियों और गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय करना है. इंटरनेट पर कॉकरोच जनता पार्टी की लोकप्रियता बढ़ने के बाद दिपके का यह पहला भारत दौरा होगा. यह भी पढ़े: NEET-UG 2026 पेपर लीक: कौन है शुभम खैरनार? 10 लाख में खरीदा और 15 लाख में बेचा ‘गेस पेपर’-पढ़ें पूरी रिपोर्ट
धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ होगा प्रदर्शन
Important announcement:
CJP Founder @abhijeet_dipke will return to India on June 6 for a peaceful protest at Jantar Mantar, Delhi, demanding the resignation of the Education Minister. pic.twitter.com/x9M1v38Pwu
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) June 1, 2026
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी
अभिजीत दिपके ने ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में बताया कि वह 6 जून की सुबह दिल्ली पहुंचेंगे. भारत आने के बाद वह समर्थकों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की आधिकारिक अनुमति मांगेंगे. उन्होंने छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों से इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
दिपके के अनुसार, देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों में नीट-यूजी परीक्षा विवाद को लेकर भारी असंतोष है. इसी कारण वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाना चाहते हैं.
नीट-यूजी विवाद बना मुख्य मुद्दा
कॉकरोच जनता पार्टी ने मई महीने में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया था. दिपके ने परीक्षा प्रणाली में आई इस खराबी को एक 'सिस्टम फेलियर' बताया है, जिसने देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य और भरोसे को प्रभावित किया है.
नीट-यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद से ही देशव्यापी चिंता बनी हुई है. इस मुद्दे के कारण कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं और यह मामला कानूनी जांच के दायरे में भी है. दिपके का तर्क है कि देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में इतनी बड़ी चूक के लिए शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
सोशल मीडिया अभियान और कानूनी विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक (Satirical) आंदोलन के रूप में हुई थी. बहुत ही कम समय में इस प्लेटफॉर्म ने युवा इंटरनेट यूजर्स के बीच बड़ी पहचान बना ली. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली इनकी ऑनलाइन याचिका को अब तक लाखों लोगों का समर्थन मिल चुका है.
यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों से कानूनी और डिजिटल विवादों में भी घिरा हुआ है. सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देते हुए इस आंदोलन के कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. इसके खिलाफ दिपके ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है, जहां अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने के सरकारी आदेश को चुनौती दी गई है. यह मामला फिलहाल अदालत में लंबित है.
पारदर्शिता और सुधार की मांग
अभिजीत दिपके के नेतृत्व में 6 जून को होने वाला यह प्रदर्शन मुख्य रूप से भारत की परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और बड़े सुधारों की मांग पर केंद्रित रहेगा. दिपके का कहना है कि यह समस्या किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की पूरी शिक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को दर्शाती है.
प्रस्तावित प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा तय नियमों के आधार पर ही इस प्रदर्शन की अनुमति की समीक्षा की जाएगी.













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