मौलवियों ने महबूबा मुफ्ती के मंदिर जाने का किया विरोध कहा, दूसरे धर्म की परंपरा उनके विश्वास के खिलाफ है
मौलवियों ने कहा कि दूसरे धर्म की परंपरा उनके विश्वास के खिलाफ है. मदरसा जामिया शेख-उल हिंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा, मुसलमानों को केवल अपने धर्म का पालन करना चाहिए. शरिया के अनुसार अन्य धर्मों की परंपराओं को अपनाने की अनुमति नहीं है.
सहारनपुर, 17 मार्च: दारुल उलूम देवबंद (Darul Uloom Deoband) के मौलवियों ने पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के नवग्रह मंदिर में पूजा पर नाराजगी जताई है. मौलवियों ने कहा कि दूसरे धर्म की परंपरा उनके विश्वास के खिलाफ है. मदरसा जामिया शेख-उल हिंद के कुलपति मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा, मुसलमानों को केवल अपने धर्म का पालन करना चाहिए. शरिया के अनुसार अन्य धर्मों की परंपराओं को अपनाने की अनुमति नहीं है. यह भी पढ़ें: Jammu Kashmir Tourism: पर्यटकों को भा रहा जम्मू-कश्मीर, फरवरी में एक लाख से अधिक टूरिस्ट पहुंचे घाटी
हालांकि उन्होंने कहा कि यह कोई 'फतवा' नहीं है, बल्कि उनका निजी विचार है. उन्होंने कहा, अगर कोई (मुस्लिम) अन्य धार्मिक प्रथाओं को चुनता है, तो यह उचित नहीं है. देश स्वतंत्र है, और हर कोई जानता है कि सही और गलत क्या है. जमीयत दावत-उल मुस्लिमीन के संरक्षक मौलाना कारी इशाक गोरा ने कहा, धर्म के नियमों का पालन किया जाना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 17, 2023 12:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

