CBSE Class 12 Topper: पुनर्मूल्यांकन के बाद रांची की अवनी केजरीवाल बनीं ऑल इंडिया कॉमर्स टॉपर, हासिल किए 500 में से पूरे 500 अंक
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के नतीजों के बाद रांची की अवनी केजरीवाल ने इतिहास रच दिया है. अवनी ने 100 फीसदी अंक हासिल कर सीबीएसई कक्षा 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में पूरे देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है.
रांची: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं के पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) परिणामों की घोषणा के बाद एक बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर सामने आया है. दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल (Avani Kejriwal) अब आधिकारिक तौर पर सीबीएसई कक्षा 12वीं की कॉमर्स स्ट्रीम में 'ऑल-इंडिया नेशनल टॉपर' बनकर उभरी हैं. पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया के बाद अवनि ने 100 प्रतिशत का अचूक स्कोर हासिल करते हुए 500 में से पूरे 500 अंक प्राप्त किए हैं. शुरुआती परिणाम में हुई त्रुटियों के सुधरने के बाद अवनि देश के सर्वोच्च शैक्षणिक पायदान पर पहुंच गई हैं. यह भी पढ़ें: CBSE Class 12 Re-Evaluation 2026: सीबीएसई ने जारी किए कक्षा 12वीं स्क्रूटनी और पुनर्मूल्यांकन के नतीजे, नई मार्कशीट के लिए पुरानी करना होगा सरेंडर
कम अंक मिलने पर कराया पुनर्मूल्यांकन, बढ़े 24 नंबर
जब मई में सीबीएसई कक्षा 12वीं के मुख्य परिणाम घोषित किए गए थे, तब अवनि ने अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और एप्लाइड मैथमेटिक्स में 100 में से 100 अंक हासिल किए थे. हालांकि, उनकी मार्कशीट में अंग्रेजी में 81 और बिजनेस स्टडीज में 95 अंक दर्ज थे, जिससे उनका कुल स्कोर 95.2 प्रतिशत रह गया था.
अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा होने के कारण अवनि शुरुआती अंकों से असंतुष्ट थीं. उन्होंने बताया, "अंग्रेजी हमेशा से मेरा सबसे मजबूत पक्ष और पसंदीदा विषय रहा है. मैं इसमें इतने कम अंक स्वीकार नहीं कर पा रही थी. वहीं बिजनेस स्टडीज के लिए मैंने सीबीएसई की मॉडल आंसर-की से अपने उत्तरों का मिलान किया, तो मुझे नंबर कटने का कोई कारण नहीं दिखा। इसके बाद मैंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया." बोर्ड की समीक्षा में उनकी आपत्ति सही पाई गई और अंग्रेजी में कटे 19 अंक तथा बिजनेस स्टडीज के 5 अंक वापस मिलने से उनका स्कोर 24 नंबर बढ़ गया.
रांची की अवनी केजरीवाल CBSE क्लास 12 कॉमर्स की नेशनल टॉपर बनीं
पढ़ाई के घंटों से ज्यादा निरंतरता पर दिया जोर
समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत करते हुए अवनि ने अपनी अध्ययन शैली और रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान पढ़ाई के घंटों को गिनने के बजाय पाठ्यक्रम को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर था.
अवनि ने बताया, "मैं कभी भी किताबों के साथ खुद को कैद करने में विश्वास नहीं रखती थी। मैंने पढ़ाई और मनोरंजन के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखा. मैंने अपने दोस्तों के साथ घूमना-फिरना बंद नहीं किया, बल्कि उसे थोड़ा सीमित कर दिया था. परीक्षा के दबाव को प्रबंधित करने के लिए निरंतरता (Consistency) और समय का सही प्रबंधन ही सबसे बड़ी कुंजी है."
भविष्य की योजनाएं और संस्थान की सराहना
रांची के व्यवसायी मितेश केजरीवाल और गृहणी पूनम केजरीवाल की बेटी अवनि अब कॉर्पोरेट प्रबंधन (Corporate Management) और फाइनेंस के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं. अपनी आगे की पढ़ाई के लिए वे दिल्ली और बेंगलुरु के शीर्ष विश्वविद्यालयों के विकल्पों पर विचार कर रही हैं.
अवनि की इस ऐतिहासिक सफलता पर डीपीएस रांची की प्रधानाचार्या जया चौहान ने बेहद खुशी जताई है. उन्होंने अवनि, उनके परिवार और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा, "अवनि की यह अभूतपूर्व उपलब्धि पूरे डीपीएस रांची परिवार के लिए गर्व का क्षण है. यह सफलता न केवल उनकी असाधारण मेहनत को दर्शाती है, बल्कि हमारे संस्थान की उत्कृष्टता की संस्कृति को भी प्रमाणित करती है."
क्षेत्रीय बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष झारखंड से कुल 50,690 छात्र सीबीएसई कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए थे, जहां का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.01 प्रतिशत रहा है.