Ghaziabad: शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसाइटी की लिफ्ट में युवक ने की पेशाब; कंट्रोल पैनल पर की गई हरकत CCTV में कैद, निवासियों में भारी आक्रोश
दिल्ली-एनसीआर से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा हाउसिंग सोसाइटी से नागरिक शिष्टाचार और स्वच्छता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. सोसाइटी के एफ-2 टावर की लिफ्ट के भीतर एक युवक द्वारा लिफ्ट के कंट्रोल पैनल बटनों की ओर पेशाब करने का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लिफ्ट से आ रही तेज दुर्गंध के बाद जब निवासियों की शिकायत पर प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो इस घिनौनी हरकत का पर्दाफाश हुआ.
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश): गाजियाबाद के पॉश इलाके इंदिरापुरम की एक बहुमंजिला आवासीय सोसाइटी में सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक अनुशासन की धज्जियां उड़ाने वाली घटना सामने आई है. अहिंसा खंड-1 स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसाइटी के एफ-2 (F-2) टावर की लिफ्ट के भीतर एक युवक खुलेआम पेशाब करता हुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है.
इंटरनेट पर वीडियो सामने आने के बाद हाई-राइज सोसायटियों में रहने वाले निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. साझा लिफ्ट में की गई इस हरकत ने न केवल लिफ्ट के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल पैनल को खतरे में डाला, बल्कि संक्रमण और बुनियादी स्वच्छता को लेकर भी गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं. यह भी पढ़ें: Delhi Rape: दिल्ली के कालकाजी में शर्मसार वारदात, खुद को पुलिस बताकर 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक रेप
कंट्रोल पैनल की ओर की पेशाब, बाहर खड़े शख्स ने अंदर जाने से किया इनकार
सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब युवक अकेले लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहा था:
- कंट्रोल पैनल को बनाया निशाना: वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लिफ्ट में सवार युवक जानबूझकर फर्श और लिफ्ट के इलेक्ट्रॉनिक ऑपरेटिंग स्विच (कंट्रोल पैनल) की ओर पेशाब करने लगता है.
- दरवाजा खुलते ही सहमा दूसरा व्यक्ति: इसी दौरान लिफ्ट एक फ्लोर पर रुकती है और उसके स्वचालित दरवाजे खुलते हैं. बाहर एक दूसरा व्यक्ति लिफ्ट में चढ़ने के लिए इंतजार कर रहा होता है, लेकिन अंदर का दृश्य देखते ही वह चौंककर फौरन पीछे हट जाता है.
- इसके बावजूद युवक अपनी हरकत जारी रखता है और अपने गंतव्य तल (फ्लोर) पर पहुंचकर सामान्य रूप से बाहर निकल जाता है.
गाज़ियाबाद की एक सोसाइटी में लिफ़्ट के अंदर एक व्यक्ति के पेशाब करने का वीडियो वायरल हुआ है
दुर्गंध आने पर खुली पोल, CCTV देखकर दंग रह गए निवासी
यह शर्मनाक मामला तब उजागर हुआ जब टावर के अन्य निवासियों, बच्चों और बुजुर्गों ने लिफ्ट कैरिज से उठ रही असहनीय बदबू की शिकायत की:
- AOA में शिकायत: निवासियों ने तत्काल सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) और मेंटेनेंस (सुविधा प्रबंधन) टीम से संपर्क किया.
- फुटेज की जांच: मेंटेनेंस कर्मियों ने जब लिफ्ट के आंतरिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जांची, तो पूरी घटना सामने आ गई. इसके बाद प्रबंधन ने युवक की पहचान सुनिश्चित की.
- घटना का वीडियो सोसाइटी के रेजिडेंट ग्रुप्स में साझा होते ही वायरल हो गया, जिसके बाद लोग सार्वजनिक संपत्तियों के दुरुपयोग और तोड़फोड़ पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करने लगे.
साझा आवासीय स्थानों में स्वच्छता और स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल
बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट एक संकरा और बंद स्थान होता है, जिसका उपयोग दिनभर वरिष्ठ नागरिक, छोटे बच्चे, घरेलू सहायक और आगंतुक करते हैं:
- बायोहैजर्ड और संक्रमण का खतरा: बंद स्थान में इस प्रकार की गंदगी न केवल लंबे समय तक दुर्गंध छोड़ती है, बल्कि गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण और बायोहैजर्ड का रूप ले लेती है, जिसे हटाने के लिए गहन रासायनिक कीटाणुशोधन (डिसइन्फेक्शन) की आवश्यकता पड़ती है.
- शॉर्ट सर्किट का जोखिम: बिजली से चलने वाले कंट्रोल पैनल और वायरिंग के पास तरल पदार्थ जाने से लिफ्ट में शॉर्ट सर्किट, खराबी या तकनीकी रुकावट का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.
बहुमंजिला सोसायटियों की लिफ्टों के सुरक्षा मानक और नियम
आधुनिक आवासीय लिफ्टों को यात्रियों के सुरक्षित ऊर्ध्वाधर आवागमन के लिए कड़े तकनीकी मानकों पर डिजाइन किया जाता है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- निगरानी और आपातकालीन संपर्क: लिफ्टों में इन-बिल्ट सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन अलार्म बटन और सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से सीधे जुड़े टू-वे इंटरकॉम सिस्टम लगे होते हैं.
- सेंसर्स और सुरक्षा उपकरण: दरवाजों के बीच यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन्फ्रारेड मल्टी-बीम सेंसर, बिजली गुल होने पर ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) और ओवरलोड सेंसर लगाए जाते हैं.
- उपयोग प्रोटोकॉल: सुरक्षा एजेंसियां सलाह देती हैं कि किसी भी यात्री को विद्युत पैनलों के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए और न ही लिफ्ट के सामान्य संचालन को बाधित करना चाहिए.
शिप्रा कृष्णा विस्टा के निवासियों ने स्थानीय प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन से आग्रह किया है कि साझा बुनियादी ढांचे को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक स्वच्छता बिगाड़ने वालों के खिलाफ भारी जुर्माना और पुलिस कार्रवाई का कड़ा प्रावधान तय किया जाए.