किसान आंदोलन से अब तक 14 हजार करोड़ के व्यापार का नुकसान
कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन लगातार जारी है ऐसे में व्यापारियों का संगठन कैट द्वारा कहा गया है कि इस आंदोलन से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपए के व्यापार का बड़ा नुकसान हुआ है.
नई दिल्ली, 22 दिसंबर: कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली (Delhi) की सीमाओं पर प्रदर्शन लगातार जारी है ऐसे में व्यापारियों का संगठन कैट द्वारा कहा गया है कि इस आंदोलन से दिल्ली, हरियाणा (Haryana), राजस्थान (Rajasthan) एवं उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के क्षेत्रों में अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपए के व्यापार का बड़ा नुकसान हुआ है. कैट ने इस मामले को लेकर किसान नेताओं एवं केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि, बातचीत के द्वारा इस मसले को तुरंत सुलझाया जाए. वहीं सर्वोच्च न्यायलाय से भी अनुरोध किया है कि व्यापारियों एवं अन्य लोगों की परेशानियों को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय की वैकेशन बेंच इस मामले की तुरंत सुनवाई की तारीख निश्चित करे.
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्ज (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल (Pravin Khandelwal) ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि आंदोलन के कारण लगभग 20 प्रतिशत ट्रक देश के अन्य राज्यों से सामान दिल्ली नहीं ला पा रहे हैं. जिसके कारण दिल्ली से अन्य राज्यों को भेजे जाने वाले सामान पर भी विपरीत असर पड़ रहा है.
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कैट के अनुसार दिल्ली में प्रतिदिन लगभग 50 हजार ट्रक देश भर के विभिन्न राज्यों से सामान लेकर दिल्ली आते हैं और लगभग 30 हजार ट्रक प्रति दिन दिल्ली से बाहर अन्य राज्यों के लिए सामान लेकर जाते हैं. फिलहाल दिल्ली में आवश्यक वस्तुओं सहित अन्य वस्तुओं की कोई किल्लत नहीं है.
कैट एवं ट्रांसपोर्ट सेक्टर के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट वेल्फैएर एसोसिएशन (ऐटवा) दोनों संयुक्त रूप से माल की आवाजाही पर प्रतिदिन निगाह रखे हुए हैं और पूरा प्रयत्न कर रहे हैं की दिल्ली अथवा अन्य किसी राज्य में किसी भी वस्तु की कोई कमी न हो.
उन्होंने आगे कहा कि, मुख्य रूप से अन्य राज्यों से एफएमसीजी प्रोडक्ट, लोगों द्वारा रोजमर्रा के उपयोग का सामान, खाद्धान, फल एवं सब्जी, किराने का सामान, ड्राई फ्ऱूट, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान, दवाइयां, भवन निर्माण का सामान, लोहा-स्टील, कपड़ा, मशीनरी, बिल्डिंग हार्डवेयर, लकड़ी एवं प्लाइवुड, रेडीमेड वस्त्र आदि प्रतिदिन बड़ी संख्या में दिल्ली आते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 22, 2020 12:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

