Burdwan Blast Case: बर्दवान ब्लास्ट केस में एनआईए की अदालत ने 4 आतंकियों को सुनाई 7 साल की सजा
एनआईए ने दर्ज की एफआईआर ( फोटो क्रेडिट- ANI)

बांग्लादेश की चार जमात-उल-मुजाहिदीन (Jamaat-ul-Mujahideen of Bangladesh) के आतंकवादियों को कोलकाता की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की अदालत ने बुधवार को 2014 बर्दवान विस्फोट मामले में 7 साल कैद की सजा सुनाई है. बर्दवान विस्फोट मामले (Burdwan Blast Case) में 33 अभियुक्तों को आरोप पत्र सौंपा गया था. जिनमें से 31 को गिरफ्तार किया गया था. अगस्त 2019, 19 आरोपी व्यक्तियों और नवंबर 2019 पर, 5 आरोपी व्यक्तियों को एनआईए कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाई गई. वहीं बचे शेष 3 गिरफ्तार और 2 फरार आरोपित आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ जारी रहेगा.

बता दें कि दो अक्टूबर 2014 को बुर्दवान जिले के खागरागढ़ में किराए के एक घर में संदिग्ध आतंकवादी बम और विस्फोटक बना रहे थे. इस दौरान धमाका हुआ, जिसमें उनमें से दो की मौत हो गई जबकि एक घायल हो गए थे. वहीं, जब मामले की जांच शुरू की गई तो पता चला कि बांग्लादेश के आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन से उनके संबंध थे. शुरुवात में इस मामले की जांच पश्चिम बंगाल सीआईडी ने की लेकिन कुछ दिन बाद इसे एनआईए को सौंप दिया गया.

ANI का ट्वीट:- 

एनआईए ने मार्च 2015 में इस मामले में प्रारंभिक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात-उल मुजाहिदीन-बांग्लादेश (JBM) बांग्लादेश की मौजूदा सरकार को हिंसक आतंकवादी गतिविधियों के जरिये सत्ता से हटाने की साजिश रच रहा था.