आग की लपटों में पुस्तकें भले ही जल जाएं, लेकिन ज्ञान को नहीं मिटा सकती: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आग की लपटों में पुस्तकें भले ही जल जाएं, लेकिन ज्ञान को नहीं मिटा सकते. प्रधानमंत्री बिहार के राजगीर में अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर के उद्घाटन समारोह पर लोगों को संबोधित कर रहे थे.
बिहारशरीफ, 19 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आग की लपटों में पुस्तकें भले ही जल जाएं, लेकिन ज्ञान को नहीं मिटा सकते. प्रधानमंत्री बिहार के राजगीर में अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर के उद्घाटन समारोह पर लोगों को संबोधित कर रहे थे.
पीएम मोदी ने कहा कि यह नया कैंपस, विश्व को भारत के सामर्थ्य का परिचय देगा. नालंदा बताएगा जो राष्ट्र, मजबूत मानवीय मूल्यों पर खड़े होते हैं वो राष्ट्र इतिहास को पुनर्जीवित कर बेहतर भविष्य की नींव रखना जानते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि नालंदा केवल भारत के ही अतीत का पुनर्जागरण नहीं है, इसमें विश्व और एशिया के कितने ही देशों की विरासत जुड़ी हुई है. पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्निर्माण की भागीदारी में भारत के मित्र देशों का अभिनंदन किया. यह भी पढ़ें : Arundhati Reddy Debut: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की अरुंधति रेड्डी ने किया अपना डेब्यू, स्मृति मंधाना से मिली कैप
पीएम मोदी ने कहा, "नालंदा केवल एक नाम नहीं है. नालंदा एक पहचान है, एक सम्मान है. नालंदा एक मूल्य है, मंत्र है, गौरव है, गाथा है. नालंदा इस सत्य का उद्घोष है कि आग की लपटों में पुस्तकें भले जल जाएं लेकिन आग की लपटें ज्ञान को नहीं मिटा सकतीं."
उन्होंने आशा जताई कि नालंदा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आने वाले दिन महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि आप अपने ज्ञान को समाज को एक सकारात्मक बदलाव के लिए प्रयोग करिए. अपने ज्ञान से बेहतर भविष्य का निर्माण कीजिए. नालंदा का गौरव भारत का गौरव है. आपके ज्ञान से पूरी मानवता को नई दिशा मिलेगी. उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि हमारे युवा आने वाले समय में पूरे विश्व को नेतृत्व देंगे. भारत की पहचान फिर से दुनिया के ज्ञान के केंद्र के रूप में हो."
नालंदा का अर्थ बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नालंदा का अर्थ है कि जहां शिक्षा और ज्ञान के दाह का अविरल प्रवाह हो. शिक्षा सीमाओं से परे है. नफा-नुकसान के नजरियों से भी परे है. शिक्षा ही हमें गढ़ती है. उसे विचार और आकार देती है. नालंदा में बच्चों का नामांकन उनकी पहचान और उनकी राष्ट्रीयता को देखकर नहीं होता था. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग गौरव को वापस लाने के लिए जिस तरह विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, नालंदा एक प्रेरणा है. नालंदा एक पहचान था और जीवन केंद्र हुआ करता था.
पीएम मोदी ने कहा कि मेरा मिशन है कि भारत दुनिया के लिए शिक्षा अभियान का केंद्र बने. भारत की पहचान फिर से दुनिया के ज्ञान के केंद्र के रूप में हो. लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार बिहार पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने राजगीर स्थित अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन किया. इस मौके पर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विदेश मंत्री जयशंकर, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित थे.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2024 02:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

