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Disha Salian Case: दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे HC ने दिए CBI जांच और FIR के आदेश; नितेश राणे बोले- 'यह आत्महत्या नहीं, हत्या थी'

सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की वर्ष 2020 में हुई संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि यह शुरुआत से ही हत्या का मामला था.

Disha Salian Case: दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे HC ने दिए CBI जांच और FIR के आदेश; नितेश राणे बोले- 'यह आत्महत्या नहीं, हत्या थी'
Disha Salian (Photo Credits: Instagram)

मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) की पूर्व टैलेंट मैनेजर दिशा सालियान (Disha Salian) की 2020 में हुई मौत के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम न्यायिक आदेश दिया है. अदालत ने केंद्रीय जांच एजेंसी CBI को मामले में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया है.

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए दोहराया कि यह मामला कभी आत्महत्या का था ही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी. यह भी पढ़ें: Disha Salian Death Case: दिशा सालियन मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, CBI को FIR दर्ज कर जांच करने के दिए निर्देश

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस की जांच पर उठाए सवाल

दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस सारंग कोतवाल और जस्टिस रणजितसिंह राजा भोंसले की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया:

  • लंबी जांच पर टिप्पणी: अदालत ने कहा कि मुंबई पुलिस लगभग छह साल तक इस मामले की जांच करती रही, लेकिन उसने कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की. पीठ ने टिप्पणी की कि पुलिस की यह कार्रवाई समाधान देने के बजाय अधिक सवाल खड़े करती है.
  • दस्तावेज सौंपने का आदेश: अदालत ने मालवणी पुलिस स्टेशन को निर्देश दिया कि मामले से जुड़े सभी केस डायरी, फॉरेंसिक रिकॉर्ड और पंचनामा दस्तावेज तत्काल सीबीआई के वरिष्ठ जांच अधिकारी को सौंपे जाएं.
  • किसी को सीधे आरोपी न बनाने की शर्त: हाईकोर्ट ने अपने आदेश में विशेष रूप से रेखांकित किया कि एफआईआर दर्ज होने मात्र से किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाएगा. जब तक सीबीआई के पास पर्याप्त और ठोस साक्ष्य एकत्र नहीं हो जाते, तब तक किसी भी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामित या हिरासत में न लिया जाए.

'यह आत्महत्या नहीं, हत्या थी': नितेश राणे का विपक्ष पर हमला

हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने मीडिया से बात की और विपक्षी दलों के नेताओं पर निशाना साधा:

  • सबूत मिटाने का आरोप: राणे ने आरोप लगाया कि 2020 में तत्कालीन महाविकास अघाड़ी (MVA) सरकार के दौरान प्रभाव का दुरुपयोग कर सबूतों को मिटाने का प्रयास किया गया था.
  • आदित्य ठाकरे और डीनो मोरिया पर सवाल: राणे ने कहा, "यदि आदित्य ठाकरे, डीनो मोरिया और अन्य लोग इसमें शामिल नहीं हैं, तो वे इस मामले पर चुप क्यों हैं? उनकी चुप्पी बहुत कुछ बयां करती है." उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

दिशा सालियान मामले में HC के CBI FIR के आदेश के बाद नितेश राणे ने विपक्ष पर हमला बोला

क्या है दिशा सालियान मौत मामला?

दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 की देर रात मुंबई के मलाड स्थित एक आवासीय इमारत की 14वीं मंजिल से कथित तौर पर गिरने से हुई थी.

  • घटना के महज छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे, जिससे दोनों मामलों के आपस में जुड़े होने की अटकलें तेज हो गई थीं.
  • मुंबई पुलिस ने प्रारंभिक जांच में इसे डिप्रेशन और नशे की हालत में की गई आत्महत्या करार देते हुए एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की थी.
  • बाद में परिवार ने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया गया और दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाईकोर्ट का रुख कर निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसी से जांच की गुहार लगाई.

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सीबीआई जांच में कोई अपराध नहीं पाया जाता है और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाती है, तो याचिकाकर्ता को उसके खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दायर करने का विधिक अधिकार होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 03, 2026 02:01 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).