BJP vs Congress on Petrol-Diesel prices: पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भाजपा व कांग्रेस ने एक-दूसरे पर साधा निशाना
भाजपा और कांग्रेस ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक-दूसरे पर हमला किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी अमित मालवीय ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के दावों के विपरीत, भाजपा शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड में पेट्रोल की कीमतें कम हैं.
बेंगलुरु, 18 जून : भाजपा और कांग्रेस ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर एक-दूसरे पर हमला किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी अमित मालवीय ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के दावों के विपरीत, भाजपा शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड में पेट्रोल की कीमतें कम हैं.
“कर्नाटक में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.86 रुपये, तेलंगाना में 107.41 रुपये और कांग्रेस के सहयोगी डीएमके शासित तमिलनाडु में 100.75 रुपये है. उन्होंने पोस्ट किया,“इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड जैसे भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल की कीमत क्रमशः 94.56 रुपये, 94.65 रुपये और 93.48 रुपये प्रति लीटर है.” अमित मालवीय ने कर्नाटक के उद्योग मंत्री एमबी पाटिल के बयान का भी हवाला दिया, जिन्होंने कहा कि राज्य में चुनावी गारंटियों को पूरा करने के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है. यह भी पढ़ें : Delhi Water Crisis: हरियाणा ने दिल्ली की आप सरकार पर पानी की कमी के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया
उनकी टिप्पणी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा यह बताए जाने के बाद आई है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये की बढ़ोतरी के बावजूद, वे अभी भी कुछ दक्षिणी और भाजपा शासित राज्यों की तुलना में कम हैं. उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा नेताओं को विरोध करने का नैतिक अधिकार है. उन्होंने कहा, "उनकी तुलना में हमारी कीमतें कम हैं. कर्नाटक की तुलना में राजस्थान और महाराष्ट्र में ईंधन की कीमतें अधिक हैं."
उन्होंने कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 113 डॉलर थी. जबकि 2015 में यह कीमत आधी हो गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कीमत कम करने और लोगों पर बोझ कम करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया." सीएम सिद्धारमैया ने कहा, "पेट्रोल और डीजल पर मूल्य वर्धित कर में वृद्धि से एकत्रित होने वाला लगभग तीन हजार करोड़ रुपया राज्य के खजाने में जमा किया जाएगा. यह पैसा लोगों के कल्याण कार्यक्रमों के लिए आवंटित किया जाएगा, हमारी जेब में नहीं जाएगा."
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 18, 2024 07:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

