Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ की क्या है ताजा स्थिति? अब तक कितने लोग हुए प्रभावित, जानें पूरा अपडेट
बिहार में मानसून और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. राज्य के 15 जिलों में करीब 49.67 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. गंगा, कोसी और गंडक सहित प्रमुख नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं
Bihar Flood Update: बिहार में नदियों के उफान और लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 575 से अधिक ग्राम पंचायतों में लगभग 49.67 लाख लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं.
गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक और पुनपुन जैसी प्रमुख नदियां राज्य के कई हिस्सों में अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. गंगा नदी के तटीय इलाकों और दियारा क्षेत्रों में पानी भर जाने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से पूरी तरह टूट गया है. यह भी पढ़े: Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, 15 जिलों के 47 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत और बचाव कार्य तेज
सबसे अधिक प्रभावित जिले और जमीनी स्थिति
बाढ़ की चपेट में आए प्रमुख जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं.
भागलपुर और पटना के तटीय इलाकों में स्थिति अधिक संवेदनशील बनी हुई है. भागलपुर में नेशनल हाईवे और कई ग्रामीण सड़कों पर पानी चढ़ जाने के कारण गाड़ियों का आवागमन प्रभावित हुआ है. हालांकि, कुछ स्थानों पर जलस्तर में मामूली कमी दर्ज की गई है, लेकिन नदियां अब भी चेतावनी के स्तर से काफी ऊपर बह रही हैं.
बड़े पैमाने पर चलाए जा रहे राहत व बचाव कार्य
राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक:
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राहत बल: एनडीआरएफ (NDRF) की 10 और एसडीआरएफ (SDRF) की 27 टीमों को तैनात किया गया है, जो जलमग्न इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं.
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नौका संचालन: सुरक्षित आवागमन और निकासी के लिए प्रभावित इलाकों में 1,900 से अधिक सरकारी व निजी नावों का संचालन किया जा रहा है.
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सामुदायिक रसोई व शिविर: बाढ़ पीड़ितों के लिए 1,200 से अधिक सामुदायिक रसोईघर चलाए जा रहे हैं. इसके अलावा राहत शिविरों में लोगों को भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
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राहत सामग्री वितरण: लाखों पॉलीथीन शीट, ड्राई राशन पैकेट और मवेशियों के लिए पशुचारा बांटा जा चुका है.
प्रशासनिक सतर्कता और आर्थिक सहायता
राज्य सरकार ने सभी संवेदनशील स्थलों पर जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को चौबीसों घंटे गश्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि तटबंधों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
इसके साथ ही, प्रभावित परिवारों को तात्कालिक वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. केंद्रीय टीम भी राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का विस्तृत जायजा लेने वाली है. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.