Bihar Flood: बिहार में बाढ़ का कहर, 15 जिलों के 47 लाख से अधिक लोग प्रभावित, राहत और बचाव कार्य तेज
बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है. सितंबर 2026 में हुई अत्यधिक वर्षा और नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य के 15 जिलों में करीब 48 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
Bihar Flood: बिहार के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है. सितंबर 2026 में हुई अत्यधिक वर्षा और नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य के 15 जिलों में करीब 48 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. गंगा, कोसी और गंडक सहित कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं.
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ का सबसे अधिक असर पटना, भागलपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, मुंगेर और पूर्णिया जिलों में देखा जा रहा है. यह भी पढ़े: Patna Latest News Today: बिहार समेत पटना में बाढ़ का कहर, लाखों लोग प्रभावित, यहां पढ़ें दिनभर की बड़ी अपडेट्स
नदियों का जल स्तर और तटबंधों पर बढ़ा दबाव
राज्य में गंगा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है. भागलपुर, पटना के दीघा व गांधी घाट, हाथीदह और मुंगेर में जल स्तर उच्च बना हुआ है. हालांकि हाल के घंटों में कुछ स्थानों पर पानी के धीरे-धीरे घटने का रुझान देखा गया है, लेकिन जलभराव की समस्या बरकरार है.
इसके अलावा गंडक, बूढ़ी गंडक, कोसी, बागमती और पुनपुन नदियां भी कई इलाकों में उफान पर हैं. कई स्थानों पर तटबंधों के कटने (Embankment Breaches) और रिसाव की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद जल संसाधन विभाग के तकनीकी दल चौबीसों घंटे निगरानी में जुटे हैं.
विस्थापन और दैनिक जीवन पर पड़ा प्रभाव
बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित ऊंचे स्थानों, सड़कों और राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. भागलपुर में एनएच-80 पर पानी भर जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से आवाजाही रोक दी गई है.
सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके साथ ही मवेशियों के लिए चारे और पीने के स्वच्छ पानी का संकट खड़ा हो गया है.
राहत और बचाव कार्य जारी
राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं:
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रेस्क्यू ऑपरेशन: एनडीआरएफ (NDRF) की 10 और एसडीआरएफ (SDRF) की 27 टीमों को बचाव कार्यों में लगाया गया है. जलमग्न इलाकों से लोगों को बाहर निकालने के लिए 1,900 से अधिक नावें चलाई जा रही हैं.
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सामुदायिक रसोई व शिविर: प्रभावित लोगों के लिए 1,200 से अधिक कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) का संचालन किया जा रहा है, जहां से लाखों लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
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राहत सामग्री: आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट्स, सूखे राशन के पैकेट और पशुओं के लिए चारे का वितरण किया जा रहा है.
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.