Bihar Bandh Today: बिहार में आज 'बिहार बंद'; जानें AISA के आह्वान पर क्यों ठप है राज्य और क्या-क्या रहेगा बंद
प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को 'बिहार बंद' का आह्वान किया है. इस बंद को आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी दलों का समर्थन प्राप्त है, जिसे देखते हुए पूरे राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
पटना: प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक और 22 जुलाई को पटना (Patna) में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (All India Students' Association) (AISA) ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को राज्यव्यापी 'बिहार बंद' (Bihar Bandh) का आह्वान किया है.
इस बंद को राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) (RJD), कांग्रेस और सीपीआई (एमएल) समेत प्रमुख विपक्षी दलों का पूर्ण समर्थन मिला है. विपक्षी दल और छात्र संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं. यह भी पढ़ें: Maharashtra Bandh On July 23: प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का किया ऐलान, जानें क्या है वजह
क्यों बुलाया गया है 'बिहार बंद'?
छात्र संगठनों का आरोप है कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है. 22 जुलाई को जब छात्र अपनी मांगों को लेकर पटना के लोक भवन की ओर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे, तब पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया.
इसी पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने सड़क पर उतरने का फैसला किया है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गिरफ्तारियां
'बिहार बंद' के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार और बिहार पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. राज्य भर में लगभग 14 कंपनियां पुलिस और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) की तैनात की गई हैं। पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.
बंद से एक दिन पहले पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पालीगंज से भाकपा-माले (CPI-ML) विधायक संदीप सौरभ, आइसा (AISA) के राज्य सचिव दीपांकर और पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की अध्यक्ष सबा आफरीन समेत कई छात्र नेताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया. पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की कोशिश करने वाले 90 से अधिक लोगों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद?
- शैक्षणिक संस्थान: औरंगाबाद, बेगूसराय, पटना और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में एहतियात के तौर पर निजी और सरकारी स्कूलों तथा कोचिंग संस्थानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं
- यातायात और परिवहन: प्रमुख राजमार्गों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों के आसपास आंदोलनकारियों द्वारा चक्का जाम और प्रदर्शन किए जाने की संभावना है. लंबी दूरी की बसों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर असर पड़ सकता है.
- दुकानें और बाजार: विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा बाजारों को बंद कराने के प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि, दवा दुकानें, अस्पताल, दूध की आपूर्ति और आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी.
प्रशासन ने आम नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे अति आवश्यक कार्य होने पर ही यात्रा करें और स्थानीय यातायात व पुलिस दिशा-निर्देशों का पालन करें.