Maharashtra Bandh On July 23: प्रकाश आंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का किया ऐलान, जानें क्या है वजह

Maharashtra Bandh On July 23: वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर (Prakash Ambedkar) ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है. उन्होंने दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज के विरोध में यह फैसला लिया है. प्रकाश आंबेडकर ने पुलिस की कार्रवाई को "अमानवीय" बताते हुए राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और आम जनता से बंद का समर्थन करने की अपील की है. सोनिया सहरावत की ‘इंस्टाग्राम स्टोरी’: CJP प्रदर्शनकारियों पर RAF कमांडेंट की कथित सोशल मीडिया पोस्ट से बहस छिड़ी

दिल्ली में छात्र प्रदर्शन को लेकर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार तेज हो रही हैं. कई विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है और केंद्र सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है. इसी क्रम में अब प्रकाश आंबेडकर ने महाराष्ट्र बंद का आह्वान किया है.

प्रकाश आंबेडकर ने की महाराष्ट्र बंद की अपील

महाराष्ट्र बंद की घोषणा करते हुए प्रकाश आंबेडकर ने राज्य के लोगों से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने की अपील की. उन्होंने कहा कि सभी समान विचारधारा वाले राजनीतिक दल, छात्र और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग 23 जुलाई को होने वाले महाराष्ट्र बंद का समर्थन करें. उनके अनुसार यह बंद दिल्ली में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है.

 

प्रकाश अंबेडकर ने 23 जुलाई को महाराष्ट्र बंद का आह्वान क्यों किया?:

छात्र आंदोलन को दिया समर्थन

इससे पहले प्रकाश आंबेडकर ने जंतर-मंतर पहुंचकर छात्र नेता अभिजीत दिपके से मुलाकात की और आंदोलनरत छात्रों की मांगों का समर्थन किया. उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग दोहराई.

सोनम वांगचुक से भी की थी मुलाकात

16 जुलाई को प्रकाश आंबेडकर ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे जलवायु और शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार का संवैधानिक और नैतिक दायित्व है कि वह सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करे.

आंबेडकर ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले एक नवाचारकर्ता की अनदेखी करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

बंद को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल

23 जुलाई को प्रस्तावित महाराष्ट्र बंद के ऐलान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. विपक्षी दल लगातार छात्र आंदोलन के समर्थन में बयान दे रहे हैं. वहीं अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभिन्न राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन इस बंद पर क्या रुख अपनाते हैं.