20 अगस्त की बड़ी खबरें
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मणिपुर में एनआरसी की मांग पर बीजेपी-कांग्रेस साथ, केंद्र से जल्द कार्रवाई की मांग
केरल हाई कोर्ट का फैसला, ईसाई महिलाएं वर्तमान निवास स्थान से दाखिल कर सकती हैं तलाक की अर्जी
जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को पाकिस्तान ने किया खारिज
सीडीयू नेता ने एएफडी का किया समर्थन, 10,000 यूरो चंदा दिया
जर्मनी के सैक्सनी अनहॉल्ट में 6 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले सत्तारूढ़ सेंटर-राइट पार्टी सीडीयू के स्थानीय नेता बेंर्ड प्रांगे के बयान से राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. प्रांगे ने खुले पत्र के जरिए मतदाताओं से दक्षिणपंथी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) को वोट देने की अपील की है. प्रांगे सैक्सनी अनहॉल्ट के अल्टमार्किशे होहे नगरपालिका के मेयर हैं और स्टेंडाल जिला परिषद में सीडीयू का प्रतिनिधित्व करते हैं.
अखबार फोल्क्सश्टिमे के मुताबिक, प्रांगे ने एएफडी को कुल 10,000 यूरो का चंदा दिया है. प्रांगे ने खुद भी आगामी चुनाव में एएफडी को वोट देने की बात कही है. अपने पत्र में प्रांगे ने सीडीयू पर अपने पारंपरिक रूढ़िवादी मूल्यों से दूर जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि व्यवस्था, सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर पार्टी का रुख अब उनके राजनीतिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं रहा और सीडीयू लगातार वामपंथ की ओर बढ़ रही है.
जर्मन धुर दक्षिणपंथी पार्टी के समर्थकों में भारी संख्या पुरुषों की
दक्षिण कोरिया ने ट्रंप के उत्तर कोरिया से बातचीत करने के प्रयासों का किया समर्थन
दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ बातचीत शुरू करने के प्रयासों का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है. इसमेंदक्षिण कोरियाऔर अमेरिका के बीच होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करने की ट्रंप की पहल भी शामिल है.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यूंग ने कहा कि वे कोरिया क्षेत्र में शांति बनाए रखने की ट्रंप की कोशिशों का समर्थन करते हैं, भले ही इसके लिए दोनों देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने पड़ें. ली ने यह भी कहा कि वह ट्रंप की इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि दक्षिण कोरिया को भी इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए.
फिलहाल दक्षिण कोरिया में करीब 28,500 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. साल 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से दक्षिण कोरिया बाहरी हमलों से बचाव के लिए अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर काफी निर्भर रहा है. ट्रंप ने पिछले हफ्ते के अंत में कहा था कि वह दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करना चाहते हैं. उन्होंने इसके पीछे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने “बहुत अच्छे संबंधों” का हवाला दिया था.
चीन में एवरग्रांड के संस्थापक को उम्रकैद, कभी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे
चीन की एक अदालत ने भारी कर्ज में डूबे 'चाइना एवरग्रांड ग्रुप' के संस्थापक हुई का यान को उम्रकैद की सजा सुनाई है. कंपनी के करीब 300 अरब डॉलर के कर्ज में डूबने के बाद यह मामला चीन के लंबे समय से चल रहे प्रॉपर्टी संकट की बड़ी मिसाल बन गया था. 67 वर्षीय हुई का यान ने अप्रैल में फंड के दुरुपयोग, फंड जुटाने में धोखाधड़ी, अवैध रूप से जमा स्वीकार करने, अवैध कर्ज देने, धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी समेत आठ आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया था.
कभी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति रहे हुई को 2023 में चीनी अधिकारियों ने हिरासत में लिया था. अदालत ने उनकी पूरी निजी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया है. अदालत ने एवरग्रांड पर 8.82 अरब युआन और उसकी प्रमुख कंपनी हेंगडा पर 7 अरब युआन का जुर्माना लगाया. कंपनी के पांच अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी छह से 18 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई.
एवरग्रांड साल 2021 में अपना कर्ज नहीं चुका पाई थी: इसके बाद कंपनी के घर खरीदारों और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ और कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए. साल 2024 में हांगकांग की अदालत ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर परिसमापन का आदेश दिया था.
मणिपुर में एनआरसी की मांग पर बीजेपी-कांग्रेस साथ, केंद्र से जल्द कार्रवाई की मांग
मणिपुर में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स यानी एनआरसी को अपडेट करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है. खास बात यह है कि इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस की मांग अब एक जैसी दिखाई दे रही है. दोनों पार्टियां 2027 की जनगणना से पहले मणिपुर में एनआरसी लागू करने की मांग कर रही हैं.
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह ने 19 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एनआरसी लागू करने की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि मणिपुर की स्थिति देश के दूसरे राज्यों से अलग है. राज्य में अब भी 60 हजार से ज्यादा विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों के पास अपना घर नहीं है.
मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई हिंसा के बाद हजारों लोग विस्थापित हुए हैं. इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. तीन साल से अधिक समय बीतने के बावजूद 60 हजार से ज्यादा लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं. ऐसे में एनआरसी का मुद्दा राज्य में सुरक्षा और भविष्य की जनसंख्या संरचना से जुड़े सवालों के साथ एक बार फिर केंद्र में आ गया है.
एनआरसी को लेकर पिछले कुछ दिनों से मणिपुर में विरोध-प्रदर्शन भी हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 2027 की जनगणना शुरू होने से पहले राज्य में एनआरसी को अपडेट किया जाए. कई जगहों पर बंद भी बुलाया गया है. मणिपुर के कई सिविल सोसाइटी संगठन भी इस मांग के समर्थन में सामने आए हैं. इन संगठनों का कहना है कि पहले यह सत्यापित किया जाए कि राज्य में कौन नागरिक है और उसके बाद जनगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए.
मणिपुर में एनआरसी की मांग नई नहीं है. राज्य विधानसभा ने अगस्त 2022 को राज्य में पॉपुलेशन कमीशन स्थापित करने और एनआरसी लागू करने के पक्ष में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था. इसके बाद 1 मार्च 2024 को विधानसभा ने एनआरसी लागू करने को लेकर एक और प्रस्ताव पारित किया. यानी राज्य में इस मांग को लेकर राजनीतिक स्तर पर पहले भी सहमति बन चुकी है.
सुलझने की बजाय और उलझा असम में घुसपैठ का मुद्दा
बीजेपी की ओर से भी इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठाया गया है. मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता एन. बीरेन सिंह ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर एनआरसी को लेकर राज्य में उठ रही मांग पर चर्चा की. बीरेन सिंह ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री से 2027 की जनगणना से पहले एनआरसी की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है.
केरल हाई कोर्ट का फैसला, ईसाई महिलाएं वर्तमान निवास स्थान से दाखिल कर सकती हैं तलाक की अर्जी
केरल हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि ईसाई महिलाएं किसी भी स्थान से फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल कर सकती हैं. इसके लिए यह जरूरी नहीं होगा कि उनका वर्तमान निवास उसी जगह हो, जहां उन्होंने आखिरी बार अपने पति के साथ रहकर वैवाहिक जीवन बिताया था. जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस प्रीता एके की बेंच एक महिला की अपील पर सुनवाई कर रही थी. महिला ने घरेलू हिंसा के कारण अपना वैवाहिक घर छोड़ दिया था और दूसरे जिले में जाकर रहने लगी थी.
इसके बाद उसने वायनाड के कलपेट्टा फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल करने की कोशिश की थी. हालांकि, 1869 के भारतीय तलाक अधिनियम के नियमों के आधार पर उसकी याचिका को शुरुआती तौर पर खारिज कर दिया गया था. इस कानून के तहत इसाई महिलाएं तलाक की याचिका उसी अदालत में दाखिल कर सकती थीं, जहां शादी हुई हो, पति-पत्नी ने आखिरी बार साथ रहकर वैवाहिक जीवन बिताया हो या जहां पति वर्तमान में रह रहा हो.
इसके बाद महिला ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया. अदालत ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम और विशेष विवाह अधिनियम में महिलाओं को अपने वर्तमान रहने की जगह से तलाक की अर्जी देने की अनुमति है. लेकिन 1869 के पुराने कानून में ईसाई महिलाओं को अपने वर्तमान निवास स्थान से तलाक की अर्जी देने की सुविधा नहीं थी.
जम्मू-कश्मीर पर अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी को पाकिस्तान ने किया खारिज
पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने वाली अमेरिकी राजदूत की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में इस्लामाबाद में अमेरिका के शीर्ष राजनयिक को तलब किया और टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इसे स्पष्ट रूप से खारिज किया.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार देर रात जारी बयान में कहा कि अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर की स्थिति को लेकर की गई टिप्पणी “तथ्यात्मक रूप से गलत” है. पाकिस्तान ने कहा कि जम्मू-कश्मीरअंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त एक विवादित क्षेत्र है.
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में भारत प्रशासित कश्मीर की यात्रा के दौरान श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि यह भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ हुई मुलाकात को भी अच्छा बताया था.
पाक प्रशासित कश्मीर क्यों बना पाकिस्तान के गले की फांस
इस बीच गुरुवार सुबह दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बनी कुछ संरचनाओं और सुरक्षा बैरिकेड्स को भारतीय अधिकारियों ने हटा दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अधिकारियों ने पाया था कि ये ढांचे हाई कमीशन की मंजूर सीमा से बाहर बने हुए थे.
कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत
रूस ने गुरुवार, 20 अगस्त को तड़के यूक्रेनकी राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस के अनुसार 33 लोग घायल हुए हैं. पूरी रात राजधानी में धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं और गुरुवार सुबह तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा. रूसी हमलों ने कीव के दार्नित्स्की, स्वियातोशिन्स्की और सोलोमियांस्की जिलों में 12 जगहों को निशाना बनाया. हमलों में रिहायशी इमारतों, एक मेडिकल सेंटर और एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा है.
सोलोमियांस्की जिले में नौ मंजिला रिहायशी इमारत की सबसे ऊपरी दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं और इमारत के दूसरे हिस्सों में आग लग गई. दो अन्य रिहायशी इमारतों और एक स्कूल के शेल्टर में भी लोग फंस गए. रूस ने हाल के समय में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज किए हैं. इसका एक मकसद यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ाना और उसके पास मौजूद मिसाइलों के भंडार को सीमित करना है. बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहले यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन के लिए लाइसेंस हासिल करने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया.
वंदे मातरम पर कांग्रेस के प्रस्ताव की बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने की आलोचना
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे ‘आज के दौर की मुस्लिम लीग’ बताया है. यह बयान कांग्रेस कार्यसमिति यानी सीडब्ल्यूसी के ‘वंदे मातरम्’ को लेकर लिए गए फैसले के बाद आया है.
19 अगस्त की देर रात नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कांग्रेस के फैसले की आलोचना की. उन्होंने लिखा, “कांग्रेस ने अब अपने अपमान को एक प्रस्ताव की शक्ल दे दी है. उसकी कार्यसमिति ने तय किया है कि कांग्रेस के मंचों पर ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले 2 छंद ही गाए जाएंगे.”
दरअसल, कांग्रेस कार्यसमिति ने 19 अगस्त को हुई अपनी बैठक में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर पार्टी के पुराने रुख को दोहराया. सीडब्ल्यूसी ने कहा कि पार्टी के मंचों पर राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे. कांग्रेस का तर्क है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर समेत कई प्रमुख नेताओं ने भी सार्वजनिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती हिस्से के गायन का समर्थन किया था.
‘वंदे मातरम्’ के पूरे गीत को लेकर लंबे समय से राजनीतिक और वैचारिक विवाद रहा है. गीत के शुरुआती दो अंतरों को व्यापक रूप से राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया, जबकि आगे के अंतरों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और धार्मिक आपत्तियां सामने आती रही हैं.
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब देश ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 साल पूरे होने के मौके पर इससे जुड़े कार्यक्रमों और इसकी ऐतिहासिक भूमिका पर चर्चा कर रहा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2026 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

