Bharat Jodo Yatra: क्या राजस्थान से शांतिपूर्ण तरीके से गुजरेगी राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा?
क्या राहुल गांधी की बहुप्रतीक्षित 'भारत जोड़ो यात्रा' राजस्थान से शांतिपूर्ण तरीके से गुजर पाएगी? यह एक ज्वलंत प्रश्न प्रतीत होता है, क्योंकि चेतावनी, विरोध और गुटबाजी रेगिस्तानी राज्य में यात्रा की सफलता के लिए खतरा बन रही है.
जयपुर, 15 नवंबर : क्या राहुल गांधी की बहुप्रतीक्षित 'भारत जोड़ो यात्रा' राजस्थान से शांतिपूर्ण तरीके से गुजर पाएगी? यह एक ज्वलंत प्रश्न प्रतीत होता है, क्योंकि चेतावनी, विरोध और गुटबाजी रेगिस्तानी राज्य में यात्रा की सफलता के लिए खतरा बन रही है. यह यात्रा गैर-कांग्रेसी सरकारों द्वारा शासित केरल, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से शांतिपूर्ण तरीके से गुजरी है. हालांकि, कांग्रेस शासित राजस्थान में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि हाडौती क्षेत्र में पार्टी के पदाधिकारियों ने दिसंबर के पहले सप्ताह में भारत जोड़ो यात्रा के रेगिस्तान राज्य में प्रवेश करने से पहले नेतृत्व के मुद्दे को सुलझाने के लिए आलाकमान से मांग की है.
सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे पदाधिकारियों में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के तीन सदस्य- सुरेश गुर्जर, राकेश बोयत और सत्येश शर्मा शामिल हैं. तीन आरपीसीसी सदस्य क्रमश: झालावाड़, कोटा और बूंदी से हैं. उन्होंने आलाकमान को भेजे संदेश में कहा है कि अगर 2023 में राजस्थान में दोबारा सरकार बनानी है तो अभी भी समय है राहुल गांधी के दौरे से पहले पायलट को सीएम बनाया जाए. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर के डोडा में एक वाहन के खाई में गिरने से चार सरकारी अधिकारियों की मौत
इस बीच, गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संरक्षक किरोरो सिंह बैंसला के पुत्र विजय बैंसला ने चेतावनी दी है कि राजस्थान में गुर्जर आरक्षण विवाद का अभी तक कोई हल नहीं निकलने के कारण यात्रा को राजस्थान में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रमुख विजय बैंसला ने चेतावनी दी है कि अगर गुर्जरों के लिए आरक्षण संबंधी सभी मांगें पूरी नहीं की गईं तो राहुल गांधी की यात्रा को राजस्थान में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. गुर्जरों के प्रभुत्व वाले लगभग 40 विधानसभा क्षेत्रों से यात्रा करने का कार्यक्रम है. किसान मोर्चा राजस्थान ने बैंसला की चेतावनी का जवाब देते हुए कहा है कि राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह के बयान नहीं देने चाहिए.
इसमें कहा गया है, "अगर वे कोई बाधा उत्पन्न करते हैं, तो लाठियों का इस्तेमाल किया जाएगा." इस बीच, पायलट के राहुल गांधी के करीबी होने के बावजूद उन्हें राहुल गांधी के राजस्थान दौरे के संबंध में राज्य सरकार या पार्टी द्वारा कोई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है. इसके उलट यात्रा की तैयारी कर रही टीम में धर्मेद्र राठौर, जिन्हें हाल ही में अनुशासनहीनता के लिए नोटिस दिया गया था, प्रमुख भूमिका में हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पायलट दोनों दूसरे राज्यों में यात्रा में शामिल हुए हैं, लेकिन एक साथ नहीं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 15, 2022 08:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

