8th Pay Commission & DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार; 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर ताजा अपडेट
केंद्र सरकार के करीब 49 लाख से अधिक सेवारत कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को जुलाई चक्र के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में संभावित बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर डीए में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के 49 लाख से अधिक सेवारत कर्मचारियों और लगभग 65 लाख पेंशनरों की निगाहें केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) (DA) और महंगाई राहत (DR) (Dearness Relief) में संशोधन की आधिकारिक अधिसूचना पर टिकी हैं.
साल में दो बार होने वाले इस नियमित संशोधन के साथ-साथ 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सलाहकार प्रक्रिया भी देश के विभिन्न राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रही है. यह भी पढ़ें: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग की बड़ी अपडेट, केंद्रीय कर्मचारियों का DA सितंबर में बढ़कर 63% हो सकता है, जानिए ताजा जानकारी
जुलाई 2026 डीए संशोधन का ढांचा और संभावनाएं
केंद्र सरकार ने इससे पहले 1 जनवरी 2026 से प्रभावी डीए में 2 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी की थी, जिससे यह दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गई थी. वर्ष के दूसरे चक्र (जुलाई प्रभावी) के लिए संशोधन की औपचारिक घोषणा अभी बाकी है:
- AICPI-IW पर आधारित गणना: डीए और डीआर की दरें श्रम ब्यूरो द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत के आधार पर तय की जाती हैं.
- 3 से 4 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान: हालिया सूचकांक रुझानों को देखते हुए कर्मचारी संगठनों को डीए 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 या 64 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है. हालांकि, केंद्रीय मंत्रिमंडल से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही नई दरें आधिकारिक रूप से लागू होंगी.
8वें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया सक्रिय
महंगाई भत्ते के अल्पकालिक लाभ के साथ-साथ वेतन और भत्तों के दीर्घकालिक पुनर्गठन के लिए गठित 8वां वेतन आयोग विभिन्न हितधारकों के साथ लगातार बैठकें कर रहा है:
- आयोग का गठन: केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में इस आयोग का औपचारिक गठन किया था.
- व्यापक दायरा: आयोग का दायरा रक्षा और असैन्य कर्मचारियों सहित लगभग 14 करोड़ सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मियों के वेतनमान, भत्तों, पेंशन और कार्य स्थितियों की समग्र समीक्षा करना है.
- राज्यों में बैठकें: हाल ही में जयपुर (राजस्थान) में कर्मचारी संगठनों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ परामर्श बैठक संपन्न हुई है। इसके बाद चेन्नई, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में आगामी बैठकों की रूपरेखा तय की गई है.
फिटमेंट फैक्टर और रिपोर्ट की समयसीमा
कर्मचारी संगठनों और ट्रेड यूनियनों (जैसे BPMS, NC-JCM और AIDEF) ने वेतन आयोग के समक्ष फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि को प्रमुखता से उठाया है:
- फिटमेंट फैक्टर की मांग: छठे वेतन आयोग में 86 और सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था. कर्मचारी यूनियनें इस बार 2.86 से 3.25 के बीच उच्च फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं ताकि न्यूनतम मूल वेतन में सम्मानजनक वृद्धि सुनिश्चित हो सके.
- रिपोर्ट जमा करने का लक्ष्य: आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए गठन के समय से 18 महीने की समयसीमा दी गई है, जिसके अनुसार इसकी अंतिम रिपोर्ट मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंपी जाने की उम्मीद है.
वेतन, पेंशन और भत्तों में किसी भी अंतिम बदलाव का निर्णय वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लिए जाने वाले नीतिगत फैसलों पर निर्भर करेगा.