Mumbai's Atal Setu: अटल सेतु पर बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं से सरकार चिंतित, दो साल में 15 मामलों के बाद पुल पर लगाए जाएंगे सुरक्षा जाल और बैरिकेड्स
मुंबई के अटल सेतु (MTHL) पर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर महाराष्ट्र सरकार ने गंभीर चिंता जताई है. राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने विधान परिषद में जानकारी दी कि जनवरी 2024 से अब तक 15 लोगों ने पुल से कूदने का प्रयास किया, जिनमें से 12 की मौत हो चुकी है. सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब पुल पर अतिरिक्त बैरिकेड्स और सुरक्षा जाल (Safety Nets) लगाए जाएंगे.
Mumbai's Atal Setu: भारत के सबसे लंबे समुद्री पुल 'अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु' (MTHL) पर आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं. महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सोमवार को विधान परिषद में बताया कि जनवरी 2024 से अब तक इस पुल से कूदने के 15 मामले सामने आए हैं, जिनमें 12 लोगों की जान जा चुकी है. इनमें से चार लोगों के शव अभी तक बरामद नहीं किए जा सके हैं.
दो वर्षों का दुखद आंकड़ा
मंत्री उदय सामंत ने सदन में इन घटनाओं का साल-दर-साल ब्योरा साझा किया. उनके अनुसार:
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वर्ष 2024: 6 मामले सामने आए, जिनमें 4 लोगों की मृत्यु हुई और 2 को बचा लिया गया.
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वर्ष 2025: 6 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 5 लोगों की जान गई और 1 को बचाया गया.
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वर्ष 2026 (अब तक): 3 मामले सामने आए हैं, जिनमें 3 लोगों की मौत हुई.
सामंत ने स्पष्ट किया कि इन 12 मौतों में से चार मामलों में शव आज भी लापता हैं, जो समुद्र की गहराई और धाराओं के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में आने वाली चुनौतियों को दर्शाता है. यह भी पढ़े: Mumbai News: मुंबई में विधानभवन के बाहर आत्मदाह की कोशिश, शख्स को पुलिसकर्मियों ने लिया हिरासत में
सुरक्षा और बैरिकेडिंग की रणनीति
सरकार ने इन घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है. उद्योग मंत्री ने बताया कि पुल के कुछ संवेदनशील हिस्सों पर तत्काल प्रभाव से बैरिकेडिंग की जाएगी. इसके अलावा, तकनीकी व्यवहार्यता और सड़क सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, शेष हिस्सों पर 'सेफ्टी नेट' (सुरक्षा जाल) या अन्य अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लगाए जाएंगे. इसके लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा, जो घटनाओं के कारणों का अध्ययन कर रोकथाम के लिए आवश्यक सुझाव देगी.
वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का विवरण
अटल सेतु 21.8 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 16.5 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के ऊपर है. मंत्री ने बताया कि 33 किलोमीटर के कुल कैरिजवे (दोनों दिशाओं) में से 29.6 किलोमीटर हिस्से को पहले ही नॉइज बैरियर, व्यू बैरियर या सुरक्षा ग्रिल से कवर किया गया है. पुल पर 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, गश्त करने वाली टीमें और सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े छह आपातकालीन कॉल बॉक्स (Emergency Call Boxes) भी मौजूद हैं.
सरकारी प्राथमिकता
उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी 2024 को आम जनता के लिए खोले गए इस पुल का उपयोग जून 2026 तक करोड़ों वाहन चालक कर चुके हैं. सरकार का मानना है कि पहले से मौजूद सुरक्षा उपायों के बावजूद, जान गंवाने की घटनाएं यह बताती हैं कि अतिरिक्त सुरक्षात्मक ढांचे की आवश्यकता है. बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल की स्थापना के बाद इन घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2026 04:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

