Assam Floods Viral Video: गले तक पानी में उतरकर शख्स ने बचाई बछड़े की जान, असम बाढ़ के बीच वायरल हुआ दिल छू लेने वाला वीडियो
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव करने की कोशिश न करें. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आपदा प्रबंधन टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से राहत और बचाव कार्य किया जा सके.
Assam Floods Viral Video: असम में भीषण बाढ़ के बीच इंसानियत की मिसाल पेश करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में एक व्यक्ति गले तक भरे बाढ़ के पानी में उतरकर एक फंसे हुए बछड़े (Calf) को अपनी बाहों में उठाकर सुरक्षित स्थान तक ले जाता दिखाई दे रहा है. इस साहसिक कदम की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है और लोग उस शख्स को 'रियल हीरो' बता रहे हैं. Assam Floods: असम में भारी बारिश से बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हुई, 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित
गले तक पानी में उतरकर बचाई बछड़े की जान
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति गले तक भरे पानी में खड़ा है और उसने डरे हुए बछड़े को अपनी छाती से लगाया हुआ है. आसपास मौजूद लोग उसे संतुलन बनाए रखने के लिए बांस का डंडा पकड़ाते हैं, जिसकी मदद से वह बछड़े को सुरक्षित बाहर निकालता है.
वीडियो के कुछ अन्य संस्करणों में वह व्यक्ति गाय और उसके बछड़े दोनों को तेज बहाव वाले पानी से निकालकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाता नजर आता है. हालांकि, इस वीडियो की सटीक जगह और तारीख की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन बताया जा रहा है कि यह घटना असम के शिवसागर जिले की है.
सोशल मीडिया पर मिली जमकर तारीफ
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स उस व्यक्ति के साहस और मानवता की जमकर तारीफ कर रहे हैं. कई लोगों ने कहा कि उसने अपनी जान जोखिम में डालकर बेजुबान जानवर की जान बचाई, जो बेहद प्रेरणादायक है.
असम में जानलेवा बाढ़ के बीच, एक व्यक्ति ने गले तक भरे पानी में उतरकर डूबते हुए बछड़े को बचाया:
असम में बाढ़ से हालात गंभीर
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब असम भीषण बाढ़ की चपेट में है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ से अब तक 75 लोगों की मौत हो चुकी है. राज्य के 622 गांवों में करीब 3.32 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. शिवसागर के अलावा चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप महानगर सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं.
खेती और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान
बाढ़ के कारण राज्य में करीब 45,342 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है. इसके अलावा कई घर, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे हजारों परिवारों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है.
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), भारतीय वायुसेना और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं. राज्य सरकार ने भी प्रभावित लोगों के लिए राहत पैकेज की घोषणा की है और लगातार फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है.
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव करने की कोशिश न करें. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत आपदा प्रबंधन टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से राहत और बचाव कार्य किया जा सके.