E-Bike On Rent in Delhi: दिल्ली में सफ़र होगा आसान, किराए पर मिलेगी ई-बाइक, रिक्शा-कैब की झंझट से छुटकारा
मसौदा योजना की फाइल एलजी वीके सक्सेना के पास भेज दी गई है. इसके बाद दिल्ली परिवहन विभाग दिल्लीवासियों से उनके फीडबैक लेगा और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.
नई दिल्ली, 10 मई: दिल्ली में एग्रीगेटर्स व डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर्स को रेगुलेट करने की एक योजना के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है. यह योजना बाइक टैक्सी और किराए की बाइक सर्विस को एक नियम के दायरे में लाने की नींव रखती है. दिल्ली में आज तक बाइक-टैक्सियों के संचालन की अनुमति नहीं है. इसलिए यह योजना शहर में ऐसी सेवाओं को रेगुलेट करने का प्रावधान करती है. इस योजना के तहत शहर में सभी बाइक-टैक्सी और दोपहिया वाहनों को किराए पर लेने की सर्विस शुरू की जाएगी, लेकिन इसमें केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को ही शामिल किया जाएगा. यह प्रावधान दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2020 के अनुरूप होगा.
मसौदे को मंजूरी मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर स्कीम 2023 के अंतर्गत दी गई है. मसौदा योजना की फाइल एलजी वीके सक्सेना के पास भेज दी गई है. इसके बाद दिल्ली परिवहन विभाग दिल्लीवासियों से उनके फीडबैक लेगा और इसके बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा.
इसपर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह स्कीम दिल्ली में एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विस प्रदाताओं को एक नियम के दायरे में लाकर रेगुलेट करने की नींव रखती है. यह योजना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देती है और समय पर शिकायत के निस्तारण को सुनिश्चित करती है. साथ ही लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए बढ़ावा देती है. सीएम ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को बढ़ावा देने से दिल्ली में प्रदूषण स्तर को कम करने में भी मदद मिलेगी. साथ ही दिल्ली में रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी पैदा होंगे.
मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर स्कीम 2023 उस व्यक्ति और संस्था पर लागू होगी, जो किसी भी तरह के डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक या अन्य माध्यम से संचालित होती हैं और यात्रियों को लाने-ले जाने का काम करती है. इसी के साथ वो ई-कॉमर्स इकाई या अन्य संस्था भी इस योजना के दायरे में आएंगी, जो कोई भी उत्पाद, कुरियर, पैकेज या पार्सल को भेजने के लिए डिलीवरी सेवा का इस्तेमाल करती हैं.
सीएम ने कहा कि इसके अंतर्गत आपदा की स्थिति के मद्देनजर एग्रीगेटर्स को वाहन में पैनिक बटन लगाना होगा और इसे 112 (दिल्ली पुलिस) के साथ जोड़ना होगा.
इस योजना में उपभोक्ताओं की शिकायत का समय पर निस्तारण करने पर बल दिया गया है. साथ ही वाहन की फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण और परमिट की वैधता सुनिश्चित करने के लिए भी एक सिस्टम बनाया जाएगा. जिन मामलों में चालक का प्रदर्शन खराब होगा, वहां उसके सुधार के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा.
योजना के पहले 6 महीनों में बेड़े में शामिल कुल कारों में से 5 फीसद इलेक्ट्रिक कारें होनी अनिवार्य है. वहीं, पॉलिसी की अधिसूचना जारी होने के चार साल बाद सभी नए कमर्शियल दो पहिया और तीन पहिया वाहन केवल इलेक्ट्रिक होने अनिवार्य है. इसी तरह, स्कीम की अधिसूचना के 5 साल बाद सभी नए कमर्शियल चार पहिया वाहन भी इलेक्ट्रिक के होने जरूरी हैं. एग्रीगेटर और डिलीवरी सर्विस प्रोवाइडर को भी 01 अप्रैल 2030 तक सभी इलेक्ट्रिक फ्लीट में स्विच करना अनिवार्य होगा.
यह योजना प्रदूषण पैदा करने वाले के द्वारा भुगतान के सिद्धांत पर आधारित है. यानी पारंपरिक वाहनों का इस्तेमाल करने वाले लोगों से लाइसेंस शुल्क अधिक लिया जा सकता है.
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत का कहना है कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर स्कीम के साथ आज एक और उपलब्धि हासिल की है. भारत में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब दिल्ली सरकार, दिल्ली में एग्रीगेटर को अपनी फ्लीट को इलेक्ट्रिक में परिवर्तित करने के लिए एक टारगेट दे रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2023 08:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

