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COVID-19 Vaccine: एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन में एक और घातक ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर- शोध

शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से बनाई गई ब्रिटिश स्वीडिश फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन में इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और थ्रोम्बोसिस (वीआईटीटी) का बढ़ता हुआ खतरा पाया गया. यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें खून का थक्‍का जम जाता है.

COVID-19 Vaccine: एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन में एक और घातक ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर- शोध
Covid-19 vaccine (img credit IANS)

नई दिल्ली, 16 मई : शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के सहयोग से बनाई गई ब्रिटिश स्वीडिश फार्मा दिग्गज एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन में इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और थ्रोम्बोसिस (वीआईटीटी) का बढ़ता हुआ खतरा पाया गया. यह एक गंभीर स्थिति है जिसमें खून का थक्‍का जम जाता है. 2021 में कोविड महामारी के चरम पर भारत में कोविशील्ड और यूरोप में वैक्सजेवरिया के रूप में बेचे जाने वाले एडेनोवायरस वेक्टर-आधारित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के बाद वीआईटीटी एक नई बीमारी के रूप में उभरी है. खतरनाक रक्त ऑटोएंटीबॉडी में प्लेटलेट फैक्टर 4 (पीएफ4) को वीआईटीटी के कारण के रूप में पाया गया है. 2023 में अलग-अलग शोध में कनाडा, उत्तरी अमेरिका, जर्मनी और इटली के वैज्ञानिकों ने समान पीएफ4 एंटीबॉडी के साथ एक बीमारी को उजागर किया था, जो प्राकृतिक एडेनोवायरस (सामान्य सर्दी) संक्रमण के बाद कुछ मामलों में घातक था.

अब एक नए शोध में ऑस्ट्रेलिया में फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी और अन्य अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने पाया कि एडेनोवायरस संक्रमण से जुड़े वीआईटीटी और क्लासिक एडेनोवायरल वेक्टर वीआईटीटी दोनों में पीएफ4 एंटीबॉडी समान मॉलिक्यूलर में है. फ्लिंडर्स के प्रोफेसर टॉम गॉर्डन ने कहा कि वास्तव में इन विकारों में घातक एंटीबॉडी बनने का तरीका समान है. शोधकर्ता ने कहा कि हमारे समाधान वीआईटीटी संक्रमण के बाद रक्त के थक्के जमने के दुर्लभ मामलों पर लागू होते हैं, यह टीके के विकास पर भी काम करते हैं. इसी टीम ने 2022 के एक शोध में "पीएफ4 एंटीबॉडी के मॉलिक्यूलर का पता लगाया था. साथ ही एक आनुवंशिक जोखिम की पहचान की थी. यह भी पढ़ें : Hotel Discounts for Mumbai Voters: मुंबई के वोटर्स के लिए अच्छी खबर, मतदान करने पर 100 से अधिक होटलों में मिलेगी छूट

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित नए निष्कर्षों में टीके के सुरक्षा सुधार में महत्वपूर्ण प्रभाव सुझाए गए हैं. यह शोध एस्ट्राजेनेका द्वारा फरवरी में उच्च न्यायालय में प्रस्तुत एक कानूनी दस्तावेज में स्वीकार किए जाने के बाद आया है कि इसका कोविड टीका बहुत ही दुर्लभ मामलों में थ्रोम्बोटिक थ्रोम्बोसाइटोपेनिक सिंड्रोम (टीटीएस) का कारण बन सकता है. टीटीएस एक दुर्लभ दुष्प्रभाव है जिसके कारण लोगों में रक्त के थक्के बन सकते हैं और रक्त में प्लेटलेट की संख्या कम हो सकती है. इसे ब्रिटेन में कम से कम 81 लोगों की मौत के साथ जोड़ा गया है. कंपनी ने स्वेच्छा से यूरोप और अन्य वैश्विक बाजारों से अपने कोविड वैक्सीन के "विपणन प्राधिकरण" को भी वापस ले लिया है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2024 03:46 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).