Angarki Sankashti Chaturthi: अंगारकी संकष्टी चतुर्थी को लेकर सिद्धिविनायक मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, ट्रस्ट ने जारी किया दर्शन और आरती का विशेष शेड्यूल; VIDEO
मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहा जाता है, जिसका सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि इस दिन सिद्धिविनायक के दर्शन और व्रत रखने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
Angarki Sankashti Chaturthi: अंगारकी संकष्टी चतुर्थी के पावन अवसर पर मंगलवार को मुंबई के प्रभादेवी स्थित प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है. भगवान गणेश के दर्शन के लिए तड़के से ही मंदिर परिसर में लंबी कतारें लगी हुई हैं. श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट ने पूजा, महाआरती और दर्शन के लिए विशेष समय सारणी जारी की है.
सिद्धिविनायक मंदिर का विशेष पूजा शेड्यूल
अंगारकी चतुर्थी के खास अवसर पर मंदिर प्रबंधन द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों का समय इस प्रकार निर्धारित किया गया है: यह भी पढ़े: Mumbai Siddhivinayak Temple: मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में क्यों लागू हुआ ड्रेस कोड, आचार्य पवन त्रिपाठी ने किया स्प
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी पर सिद्धिविनायक मंदिर में उमड़ी भीड़
सुबह की आरती: तड़के 3:30 बजे से 3:50 बजे के बीच सुबह की विशेष आरती संपन्न की गई, जिसके बाद भक्तों के लिए दर्शन शुरू हुए.
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दोपहर का नैवेद्य: दोपहर 12:15 बजे से 12:30 बजे तक भगवान सिद्धिविनायक को दोपहर का भोग (नैवेद्य) लगाया जाएगा.
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शाम की धूपआरती व महापूजा: शाम 7:00 बजे धूपआरती होगी. इसके तुरंत बाद शाम 7:15 बजे से रात 8:10 बजे तक महापूजा का आयोजन किया जाएगा.
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महाआरती: रात 8:15 बजे से 8:45 बजे तक मुख्य महाआरती आयोजित होगी. इन सभी धार्मिक विधियों के संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन पुनः सामान्य रूप से बहाल किए जाएंगे.
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अंगारकी चतुर्थी के दिन लाखों की संख्या में पहुंचने वाले भक्तों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं:
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व्यवस्थित कतार प्रणाली: श्रद्धालुओं के सुचारू दर्शन के लिए अलग-अलग कतारों (क्यू-मैनेजमेंट) की व्यवस्था की गई है.
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स्वास्थ्य व नागरिक सुविधाएं: मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस, पेयजल स्टॉल और मोबाइल शौचालय स्थापित किए गए हैं.
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सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध: किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और अग्निशमन (फायर-सेफ्टी) उपकरणों की विशेष व्यवस्था की गई है.
मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को 'अंगारकी चतुर्थी' कहा जाता है, जिसका सनातन धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है. मान्यता है कि इस दिन सिद्धिविनायक के दर्शन और व्रत रखने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.