Andhra Pradesh Tragedy: चित्तूर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान दिल दहला देने वाला हादसा; ट्रैक्टर जनरेटर के पंखे में फंसे बाल, 11 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत
आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के नगरी मंडल स्थित दामरापाकम गांव में गणेश विसर्जन के दौरान एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है. विसर्जन जुलूस में शामिल 11 वर्षीय स्कूली छात्रा प्रसन्नश्री के बाल ट्रैक्टर पर लगे खुले जनरेटर के तेज घूमते पंखे में फंस गए. सिर और गर्दन में गंभीर चोट लगने के कारण बच्ची लहूलुहान हो गई और अस्पताल से जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया.
चित्तूर: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में गणेश विसर्जन का उल्लास उस समय गहरे मातम में बदल गया, जब एक दर्दनाक तकनीकी लापरवाही ने 11 साल की मासूम बच्ची की जान ले ली. यह दुखद हादसा सोमवार, 14 सितंबर की देर रात करीब 11:30 बजे नगरी मंडल के दामरापाकम (Damarapakam) गांव में विसर्जन जुलूस के दौरान घटा.
LatestLY की रिपोर्ट के अनुसार, मृतका की पहचान जे. शंकर की 11 वर्षीय पुत्री प्रसन्नश्री के रूप में हुई है, जो गांव के ही सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 5 की छात्रा थी.
डांस के बाद ट्रैक्टर पर बैठी, जनरेटर के पंखे में उलझ गए बाल
गांव में गणेश चतुर्थी के उपलक्ष्य में स्थापित प्रतिमा के विसर्जन के लिए सोमवार रात भव्य जुलूस निकाला जा रहा था:
- ट्रैक्टर पर खुला जनरेटर: विसर्जन यात्रा में बज रहे शक्तिशाली डीजे साउंड सिस्टम और सजावटी रोशनी के लिए बिजली आपूर्ति हेतु एक बड़ा डीजल जनरेटर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर लगाया गया था.
- थककर बैठी थी मासूम: अन्य बच्चों के साथ खुशी-खुशी नाचने के बाद प्रसन्नश्री थक गई और उसे मूर्ति ले जा रहे ट्रैक्टर पर बैठने के लिए कहा गया.
- दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर के आगे बढ़ने के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से बच्ची पीछे लगे जनरेटर के खुले कूलिंग फैन की ओर गिर पड़ी. तेज गति से घूम रहे पंखे के ब्लेड्स में उसके लंबे बाल बुरी तरह उलझ गए, जिससे उसके सिर और गर्दन पर बेहद गंभीर व जानलेवा चोटें आईं.
तेज डीजे के शोर में दब गई चीख, अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
हादसे के समय ट्रैक्टर के आसपास डीजे का संगीत बेहद तेज आवाज में बज रहा था, जिसके चलते पंखे में फंसने के बाद बच्ची की चीख-पुकार किसी को सुनाई नहीं दी.
- कुछ देर बाद जब साथ चल रहे अन्य बच्चों ने ट्रैक्टर पर खून बहता देखा, तो उन्होंने शोर मचाकर वाहन को रुकवाया.
- ग्रामीणों ने तुरंत जनरेटर को बंद किया और अचेत अवस्था में बच्ची को छुड़ाकर स्थानीय अस्पताल पहुंचाया.
- डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए तिरुपति के रुइया अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, तिरुपति ले जाते समय रास्ते में ही अत्यधिक रक्तस्राव के कारण बच्ची की सांसें थम गईं.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, गांव में पसरा सन्नाटा
हंसती-खेलती बेटी की असमय मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया. विसर्जन के गीतों और भजनों से गूंज रहा पूरा गांव आंसुओं में डूब गया. रोते-बिलखते माता-पिता ने कहा कि भगवान ने हंसती-मुस्कुराती मासूम बच्ची को इस तरह छीनकर बहुत बड़ा अन्याय किया है.
स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि क्या जनरेटर स्थापित करते समय अनिवार्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया गया था.
चल समारोहों में खुले जनरेटर और सुरक्षा पर उठे सवाल
इस भयावह हादसे ने सार्वजनिक उत्सवों और चल समारोहों में बिना सुरक्षा जाल (प्रोटेक्टिव शील्ड) के लगाए जाने वाले भारी जनरेटरों के खतरे को उजागर कर दिया है:
- स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जिस ट्रैक्टर पर छोटे बच्चे और श्रद्धालु सवार थे, वहां घूमते हुए खतरनाक ब्लेड्स वाले जनरेटर को बिना सुरक्षात्मक जाली या कवर के क्यों रखा गया.
- जानकारों का कहना है कि धार्मिक और सामाजिक जुलूसों में डीजे व जनरेटर का संचालन करने वालों के लिए स्पष्ट सुरक्षा दिशानिर्देश तय होने चाहिए, ताकि लापरवाही के चलते उत्सव के बीच ऐसी हृदयविदारक घटनाएं दोबारा न हों.