Amarnath Yatra 2026: गुलमर्ग जाने वाले पर्यटकों के लिए नई ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, शाम 5 बजे के बाद एंट्री पर रोक
अमरनाथ यात्रा (Photo Credits: File Image)

श्रीनगर: आगामी श्री अमरनाथ जी यात्रा (Shri Amarnath Ji Yatra) के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के बारामूला जिला (Baramulla District) पुलिस ने गुलमर्ग (Gulmarg) जाने वाले पर्यटकों के लिए एक व्यापक ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. मंगलवार, 30 जून 2026 को घोषित इन नए नियमों के तहत, पर्यटक वाहनों की आवाजाही के लिए शाम के समय पर सख्त पाबंदी लगाई गई है. इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमरनाथ तीर्थयात्रियों के सुरक्षा काफिले (Convoys) को सुरक्षित, सुचारू और बिना किसी बाधा के रास्ता देना है. यह भी पढ़ें: Amarnath Yatra: पीओके संकट से ध्यान भटकाने के लिए अमरनाथ यात्रा को निशाना बना सकती है आईएसआई: खुफिया रिपोर्ट

श्रीनगर-गुलमर्ग रोड पर शाम 5 बजे का 'कट-ऑफ' समय

आधिकारिक एडवाइजरी के मुताबिक, अब यात्रा अवधि के दौरान शाम 5:00 बजे के बाद श्रीनगर और गुलमर्ग के बीच किसी भी पर्यटक वाहन को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. यह प्रतिबंध दोनों दिशाओं पर समान रूप से लागू होगा.

इसका मतलब है कि जो वाहन गुलमर्ग से श्रीनगर की ओर आ रहे हैं, या जो श्रीनगर से गुलमर्ग की तरफ जा रहे हैं, उन्हें हर हाल में शाम 5:00 बजे की समयसीमा से पहले निर्धारित चेकपॉइंट्स को पार करना होगा. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह नियम पूरी यात्रा अवधि के दौरान सक्रिय रूप से लागू रहेगा.

सार्वजनिक सुरक्षा और काफिला प्रबंधन के लिए बड़ा कदम

बारामूला पुलिस ने रेखांकित किया है कि ये उपाय मुख्य रूप से भारी ट्रैफिक को नियंत्रित करने, आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तीर्थयात्रियों के वाहनों को निर्बाध मार्ग प्रदान करने के लिए लागू किए गए हैं.

सुरक्षा बलों और नागरिक प्रशासन ने घाटी में आए पर्यटकों, टूर ऑपरेटरों और होटल व्यवसायियों से इस व्यवस्था में पूरा सहयोग करने की अपील की है. आगंतुकों को सलाह दी गई है कि वे अपने यात्रा कार्यक्रम (Itinerary) की योजना पहले से बना लें ताकि वे तय समय के भीतर अपनी यात्रा पूरी कर सकें.

गुलमर्ग आने वाले पर्यटकों के लिए ट्रैफ़िक एडवाइज़री जारी की गई 

अमरनाथ यात्रा 2026 और प्रशासनिक तैयारियां

यह ट्रैफिक प्रतिबंध ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन 57 दिनों तक चलने वाली वार्षिक अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है. यह यात्रा औपचारिक रूप से 3 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रही है। श्रद्धालुओं के पहले आधिकारिक जत्थे को 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा.

चूंकि अमरनाथ यात्रा का समय कश्मीर घाटी में गर्मियों के पीक टूरिस्ट सीजन के साथ मेल खाता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन के लिए यह एक बड़ी लॉजिस्टिक चुनौती होती है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने और सुरक्षा को अभूतपूर्व बनाने के लिए बारामूला और श्रीनगर पुलिस ने हाल ही में भारतीय सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और आपातकालीन सेवाओं के साथ मिलकर प्रमुख पारगमन केंद्रों पर मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल (संयुक्त युद्धाभ्यास) भी आयोजित की है.

प्रशासन ने पर्यटकों को होने वाली इस शुरुआती असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है, लेकिन साथ ही यह भी दोहराया है कि सभी सड़क उपयोगकर्ताओं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के व्यापक हित में यह पाबंदी बेहद अनिवार्य है.