इस साल के अंत तक भारत आएंगे पुतिन, NSA अजित डोभाल ने मास्को में की पुष्टि

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) इस साल के अंत तक भारत का दौरा करेंगे. इस बात की जानकारी खुद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने गुरुवार को रूस की राजधानी मास्को में दी.

Vladimir Putin and PM Modi | X

नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) इस साल के अंत तक भारत का दौरा करेंगे. इस बात की जानकारी खुद भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (NSA Ajit Doval) ने गुरुवार को रूस की राजधानी मास्को में दी. यह घोषणा तब हुई जब डोभाल ने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से मुलाकात की. डोभाल ने बताया कि पुतिन की भारत यात्रा की तारीखें फिलहाल तय की जा रही हैं, लेकिन यह दौरा पक्का है. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली इस मुलाकात को लेकर बेहद उत्साहित और खुश है. यह संकेत है कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत की जमीन पूरी तरह तैयार हो चुकी है.

डोभाल ने पहले हुए भारत-रूस शिखर सम्मेलनों को "ऐतिहासिक मोड़" करार दिया. उन्होंने कहा कि आने वाला शिखर सम्मेलन भी इन संबंधों को और मजबूत करने का एक अहम मौका होगा. बीते वर्षों में जब भी पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री मिले हैं, तब द्विपक्षीय समझौतों और रणनीतिक सहयोग में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है.

क्यों है यह दौरा महत्वपूर्ण?

यूक्रेन युद्ध के वैश्विक समीकरण बदल गया है. रूस के पश्चिमी देशों से रिश्तों में आई दूरी के बाद भारत जैसे रणनीतिक साझेदार का महत्व और भी बढ़ गया है. इसके अलावा भारत और रूस के बीच रक्षा, परमाणु ऊर्जा, और तेल-गैस जैसे क्षेत्रों में गहरे संबंध हैं, जिन पर इस दौरे में नए समझौते हो सकते हैं.

भारत और रूस अक्सर संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स जैसे मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं. ऐसे में इस मुलाकात से दोस्ती और गहरी होगी.

वैश्विक मंच पर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति निभा रहा भारत

भारत हमेशा से अमेरिका और रूस के बीच संतुलन बनाने की नीति पर चला है. ऐसे में पुतिन की यात्रा यह दिखाती है कि भारत वैश्विक मंच पर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को मजबूती से निभा रहा है. वैश्विक राजनीति के बदलते परिदृश्य में यह यात्रा दोनों देशों को एक बार फिर से अपने सहयोग की नींव मजबूत करने का अवसर देगी.

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