Air India Express Action: 35 मिनट की देरी पड़ी भारी; ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की डेडलाइन चूकने पर 4 पायलटों समेत 8 क्रू मेंबर्स 3 महीने के लिए सस्पेंड
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर (अल्कोहल) टेस्ट तय समय सीमा में न कराने पर चार पायलटों और चार केबिन क्रू सदस्यों सहित कुल आठ क्रू मेंबर्स को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है. यह घटना 2 अगस्त 2026 को दुबई से अमृतसर पहुंची उड़ान के बाद घटी, जहां नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नियमानुसार लैंडिंग के दो घंटे के भीतर जांच कराना अनिवार्य था.
नई दिल्ली: विमानन सुरक्षा नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है. अंतरराष्ट्रीय उड़ान के बाद अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर (Breathalyser) परीक्षण में महज 35 मिनट की देरी होने पर एयरलाइन ने चार पायलटों और चार केबिन क्रू सदस्यों को 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है.
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि सभी आठों सदस्यों के टेस्ट की रिपोर्ट पूरी तरह 'नेगेटिव' आई थी और किसी के भी शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन नियमों की अनदेखी के चलते नियामक मानकों के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया गया है.
क्या है पूरा मामला? दुबई-अमृतसर फ्लाइट का घटनाक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 2 अगस्त को हुई थी:
- फ्लाइट की लैंडिंग: एयर इंडिया एक्सप्रेस की अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट AX-192 सुबह 9:50 बजे दुबई से पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी थी.
- DGCA का दो घंटे का नियम: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मौजूदा सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करने वाले भारतीय वाहकों के चालक दल को भारत में लैंडिंग के ठीक दो घंटे (120 मिनट) के भीतर पोस्ट-फ्लाइट अल्कोहल जांच पूरी करनी होती है.
- 35 मिनट की देरी: फ्लाइट के क्रू सदस्य तय समयसीमा में टेस्ट नहीं करा सके और लैंडिंग के 2 घंटे 35 मिनट बाद जांच केंद्र पहुंचे. इस तरह वे निर्धारित समय से 35 मिनट चूक गए.
क्यों हुआ टेस्ट में विलंब? साथी कर्मी की अस्वस्थता बना कारण
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, टेस्ट में देरी किसी दुर्भावना या लापरवाही की वजह से नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक परिस्थिति के कारण हुई थी:
- विमान के उतरने और सामान्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद क्रू के एक सदस्य की तबीयत अचानक खराब हो गई थी.
- बीमार सदस्य की मदद करने और उसे संभालने के चक्कर में पूरा समूह सीधे अपने निर्धारित होटल चला गया.
- बाद में स्थिति सामान्य होने पर सभी आठ सदस्य जांच पूरी करने के लिए वापस एयरपोर्ट लौटे, लेकिन तब तक डीजीसीए की तय 2 घंटे की समय सीमा पार हो चुकी थी.
एयरलाइन ने खुद DGCA को दी सूचना, तुरंत लिया एक्शन
रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस प्रबंधन ने इस चूक को छुपाने के बजाय पारदर्शी रुख अपनाया:
- एयरलाइन ने घटना की विस्तृत जानकारी स्वयं विमानन नियामक डीजीसीए को सौंपी.
- सुरक्षा नियमों के तहत तय नियामक प्रावधानों का पालन करते हुए एयरलाइन ने दो पायलट-इन-कमांड, दो को-पायलट और चार केबिन क्रू को तत्काल प्रभाव से रोस्टर से हटाते हुए तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया.
भारतीय उड्डयन में सुरक्षा नियमों पर बढ़ती सख्ती
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में फ्लाइट सुरक्षा और क्रू अनुशासन को लेकर डीजीसीए और एयरलाइंस की निगरानी काफी कड़ी हुई है. भले ही चालक दल के सभी सदस्यों के टेस्ट परिणाम सामान्य रहे हों, लेकिन समय सीमा में थोड़ी सी भी चूक को नियामक 'गंभीर प्रक्रियागत उल्लंघन' मानते हैं. यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्थापित प्रोटोकॉल के मामले में कोई रियायत नहीं दी जा सकती.