Air India Express Action: 35 मिनट की देरी पड़ी भारी; ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट की डेडलाइन चूकने पर 4 पायलटों समेत 8 क्रू मेंबर्स 3 महीने के लिए सस्पेंड

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अनिवार्य पोस्ट-फ्लाइट ब्रेथ एनालाइजर (अल्कोहल) टेस्ट तय समय सीमा में न कराने पर चार पायलटों और चार केबिन क्रू सदस्यों सहित कुल आठ क्रू मेंबर्स को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया है. यह घटना 2 अगस्त 2026 को दुबई से अमृतसर पहुंची उड़ान के बाद घटी, जहां नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के नियमानुसार लैंडिंग के दो घंटे के भीतर जांच कराना अनिवार्य था.

File image of Air India Express flight (Photo Credits: Wikimedia Commons)

नई दिल्ली: विमानन सुरक्षा नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है. अंतरराष्ट्रीय उड़ान के बाद अनिवार्य ब्रेथ एनालाइजर (Breathalyser) परीक्षण में महज 35 मिनट की देरी होने पर एयरलाइन ने चार पायलटों और चार केबिन क्रू सदस्यों को 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है.

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि सभी आठों सदस्यों के टेस्ट की रिपोर्ट पूरी तरह 'नेगेटिव' आई थी और किसी के भी शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन नियमों की अनदेखी के चलते नियामक मानकों के तहत यह निलंबन आदेश जारी किया गया है.

क्या है पूरा मामला? दुबई-अमृतसर फ्लाइट का घटनाक्रम

रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 2 अगस्त को हुई थी:

क्यों हुआ टेस्ट में विलंब? साथी कर्मी की अस्वस्थता बना कारण

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, टेस्ट में देरी किसी दुर्भावना या लापरवाही की वजह से नहीं, बल्कि एक व्यावहारिक परिस्थिति के कारण हुई थी:

एयरलाइन ने खुद DGCA को दी सूचना, तुरंत लिया एक्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस प्रबंधन ने इस चूक को छुपाने के बजाय पारदर्शी रुख अपनाया:

भारतीय उड्डयन में सुरक्षा नियमों पर बढ़ती सख्ती

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के महीनों में फ्लाइट सुरक्षा और क्रू अनुशासन को लेकर डीजीसीए और एयरलाइंस की निगरानी काफी कड़ी हुई है. भले ही चालक दल के सभी सदस्यों के टेस्ट परिणाम सामान्य रहे हों, लेकिन समय सीमा में थोड़ी सी भी चूक को नियामक 'गंभीर प्रक्रियागत उल्लंघन' मानते हैं. यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संदेश है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्थापित प्रोटोकॉल के मामले में कोई रियायत नहीं दी जा सकती.

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