AI Jobs India: 'एआई नौकरियां छीनेगा नहीं, पैदा करेगा'! पीयूष गोयल ने भारत को बताया दुनिया का 'चेंज एजेंट'
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2026' में कहा कि एआई नौकरियों को खत्म करने के बजाय काम के स्वरूप को बदलेगा. उन्होंने भारत के 23 लाख सालाना स्टेम स्नातकों को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया.
नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री (Union Minister of Commerce and Industry) पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में चल रही आशंकाओं को खारिज करते हुए भारत को इस क्षेत्र का अपरिहार्य वैश्विक नेता बताया है. 'ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट 2026' ('ET Now Global Business Summit 2026') में बोलते हुए गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत की भागीदारी के बिना दुनिया एआई का सस्ती कीमतों पर विस्तार नहीं कर सकती. उन्होंने भारत को वैश्विक तकनीकी बदलाव का 'एजेंट ऑफ चेंज' (Agent of Change) करार दिया. यह भी पढ़ें: 'Seva Teerth' Unveiled: प्रधानमंत्री मोदी को मिला नया हाई-टेक दफ्तर; अब साउथ ब्लॉक नहीं, इस पते से चलेगी सरकार (See Pics and Video)
एआई: नौकरियों का दुश्मन नहीं, मित्र
नौकरियां जाने के डर पर प्रतिक्रिया देते हुए पीयूष गोयल ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण पेश किया. उन्होंने कहा कि एआई इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि काम करने के तरीके को बदल देगा.
- नई भूमिकाएं: मंत्री ने भविष्यवाणी की कि एआई के आने से साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और डेटा वैलिडेटर जैसे पूरी तरह से नए पद सृजित होंगे.
- युवा शक्ति का लाभ: उन्होंने तर्क दिया कि भारत जैसे युवा आबादी वाले देश में एआई रोजगार के अधिक अवसर पैदा कर सकता है, क्योंकि यहां प्रतिभा और कौशल की कोई कमी नहीं है.
भारत की ताकत: 2.3 मिलियन स्टेम स्नातक
गोयल ने रेखांकित किया कि भारत की असली ताकत उसके लोग हैं. हर साल भारत में लगभग 23 लाख (2.3 मिलियन) स्टेम (STEM - विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) स्नातक कार्यबल में शामिल होते हैं.
- ग्लोबल हब: मंत्री के अनुसार, यह विशाल टैलेंट पूल भारत को आधुनिक तकनीक और एआई अनुप्रयोगों के लिए एक पावरहाउस बनाता है.
- पसंदीदा स्रोत: भारतीय कंपनियों द्वारा आधुनिक उपकरणों को तेजी से अपनाने के कारण, भारत अब 'अप्लाइड एआई' (Applied AI) के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पसंदीदा स्रोत बनता जा रहा है.
सावधानी: चैटजीपीटी (ChatGPT) पर आंख मूंदकर भरोसा न करें
एआई की विश्वसनीयता पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ने उपयोगकर्ताओं को आगाह भी किया. उन्होंने सलाह दी कि चैटजीपीटी या 'परप्लेक्सिटी' जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए डेटा पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए.
- मानवीय निरीक्षण: उन्होंने चेतावनी दी कि बॉट द्वारा जनरेट कंटेंट अक्सर गलत डेटा या 'करप्ट' इनपुट पर आधारित हो सकता है, जिससे परिणाम भ्रामक हो सकते हैं.
- अंतिम नियंत्रण: गोयल ने जोर देकर कहा कि किसी भी प्रक्रिया का निर्णायक हिस्सा हमेशा मानवीय नियंत्रण में रहना चाहिए. उन्होंने उदाहरण दिया कि ‘नर्सिंग जैसे पेशे हमेशा मानवीय ही रहेंगे.’ यह भी पढ़ें: PM Modi To Inaugurate New PMO At ‘Seva Teerth’: बदलेगा प्रधानमंत्री कार्यालय का पता, अब 'सेवा तीर्थ' से चलेगी सरकार, पीएम मोदी करेंगे हाईटेक ऑफिस का उद्घाटन
आगामी 'भारत एआई शिखर सम्मेलन'
सोमवार से दिल्ली के भारत मंडपम में एक बड़ा एआई शिखर सम्मेलन (AI Impact Summit 2026) शुरू होने जा रहा है. इस सम्मेलन में दुनिया भर के दिग्गज तकनीकी नेता और करीब 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे. यह शिखर सम्मेलन एआई सुरक्षा, शासन और नैतिक उपयोग पर भारत के दृष्टिकोण को दुनिया के सामने रखेगा.
पीयूष गोयल ने विश्वास जताया कि अपनी युवा आबादी, रणनीतिक वैश्विक साझेदारी और मुफ्त व्यापार समझौतों (FTA) के माध्यम से भारत अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए किफायती एआई समाधान विकसित करने में दुनिया का नेतृत्व करेगा.