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Ahmedabad: सहपाठी को 'I Love You' नोट लिखने पर चौथी के छात्र की पिटाई; प्रिंसिपल और शिक्षिका पर FIR दर्ज

गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा 4 के 9 वर्षीय छात्र को सहपाठी छात्रा को 'आई लव यू' लिखा कागज का टुकड़ा देने पर प्रिंसिपल और शिक्षिका द्वारा कथित रूप से पीटे जाने का मामला सामने आया है. परिजनों की शिकायत के अनुसार, क्लास में नोट मिलने के बाद शिक्षिका ने छात्र की पहचान की और पूछताछ के दौरान उसकी हथेली पर स्केल (रूलर) से वार किए गए.

Ahmedabad: सहपाठी को 'I Love You' नोट लिखने पर चौथी के छात्र की पिटाई; प्रिंसिपल और शिक्षिका पर FIR दर्ज
Representational picture of a classroom (Photo Credits: Pixabay)

अहमदाबाद (गुजरात): प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों के साथ स्कूलों में अनुशासन के नाम पर शारीरिक प्रताड़ना (कॉर्पोरल पनिशमेंट) का एक गंभीर मामला सामने आया है. अहमदाबाद के रामोल थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी स्कूल में 9 वर्षीय मासूम छात्र को सहपाठी छात्रा को कथित तौर पर 'आई लव यू' लिखा पर्चा देने के आरोप में प्रिंसिपल और क्लास टीचर द्वारा पीटने का आरोप लगा है.

परिजनों की औपचारिक शिकायत मिलने के बाद रामोल पुलिस ने स्कूल की शिक्षिका और प्रिंसिपल के खिलाफ सुसंगत धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. यह भी पढ़ें: Bhiwandi: फीस नहीं भरने के कारण छात्र को परीक्षा में जमीन पर बिठाया, प्रिंसिपल और टीचर पर मामला दर्ज, भिवंडी की स्कूल से घटना आई सामने

क्लासरूम में मिला था 'I Love You' लिखा पर्चा

पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 19 सितंबर को स्कूल अवधि के दौरान घटी:

  • नोट मिलने पर पूछताछ: चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 9 वर्षीय छात्र ने अपनी क्लास की एक छात्रा को कथित तौर पर एक कागज का टुकड़ा दिया था, जिस पर 'I Love You' लिखा था.
  • यह नोट बाद में कक्षा के फर्श पर पड़ा मिला। शिक्षिका की नजर जब इस पर पड़ी, तो उन्होंने क्लास के सभी बच्चों से सख्ती से पूछताछ की ताकि यह पता लगाया जा सके कि लिखावट किसकी है.
  • हैंडराइटिंग और पूछताछ के आधार पर शिक्षिका ने छात्र की पहचान की और उसे जवाबदेही के लिए आगे बुलाया.

परिजनों का आरोप: हथेली पर स्केल से की गई पिटाई

छात्र के माता-पिता का आरोप है कि अनुशासन सिखाने के नाम पर स्कूल प्रशासन ने मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं:

  • शारीरिक हमला: आरोप है कि शिक्षिका और प्रिंसिपल ने बच्चे को डांटने-फटकारने के साथ ही उसकी हथेली पर लोहे/प्लास्टिक के स्केल (रूलर) से कई बार मारा.
  • सहम गया बच्चा: स्कूल से लौटने के बाद सहमे हुए बच्चे ने अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई और हाथ पर चोट के निशान दिखाए.
  • घटना से स्तब्ध परिजनों ने तुरंत स्थानीय रामोल पुलिस थाने का रुख किया और स्कूल स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.

जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी

रामोल पुलिस थाने ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत कानूनी कदम उठाए हैं:

  • FIR दर्ज: पुलिस ने आरोपी शिक्षिका और स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम (Juvenile Justice Act) के संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है.
  • पुलिस जांच: जांच अधिकारी स्कूल प्रबंधन, प्रत्यक्षदर्शी छात्रों और आरोपी शिक्षकों के बयान दर्ज कर रहे हैं ताकि कक्षा के भीतर घटे घटनाक्रम की निष्पक्ष पुष्टि की जा सके.

स्कूलों में शारीरिक दंड पर कड़े नियम और बढ़ती चिंताएं

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में बाल सुरक्षा और अनुशासन लागू करने के तरीकों पर सवाल खड़े करती है:

  • शिक्षा के अधिकार (RTE) कानून और अदालत के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी स्कूल में छात्रों को शारीरिक दंड या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना पूरी तरह प्रतिबंधित और गैर-कानूनी है.
  • हाल ही में अहमदाबाद नगर शिक्षा विभाग ने एक अन्य स्कूल द्वारा छात्र की चोट से जुड़े मामले में सीसीटीवी फुटेज न देने पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया था.

बाल मनोवैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक स्तर के 9-10 वर्ष के बच्चों में परिपक्वता का अभाव होता है, ऐसे मामलों में उन्हें मारने-पीटने के बजाय काउंसलिंग और अभिभावकों के साथ संवाद के जरिए सही मार्गदर्शन दिया जाना चाहिए. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कानूनी मानकों के तहत आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 22, 2026 03:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).