Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल को खाई में धकेलने के बाद मंगेतर सिया ने रख लिया था उसका फोन, पुलिस को सबूत मिटाने का शक
पुणे के लोहागढ़ किले में बिल्डर केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, केतन को खाई में धकेले जाने के बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल ने उसका फोन अपने पास रख लिया था.
Ketan Agarwal Murder Case: महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे जिले (Pune District) में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) में हुए रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agarwal Murder Case) में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस जांच में सामने आया है कि 18 जून को 25 वर्षीय केतन को पहाड़ी से नीचे धकेले जाने के बाद, उसकी मंगेतर और मुख्य आरोपी सिया गोयल (20) ने केतन का मोबाइल फोन कुछ समय के लिए अपने पास रख लिया था। बाद में उसने यह फोन केतन के परिवार को सौंप दिया. पुणे ग्रामीण पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि क्या फोन अपने पास रखने के दौरान सिया ने चैट, कॉल रिकॉर्ड या किसी अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत को डिलीट या टैंपर (छेड़छाड़) किया था. यह भी पढ़ें: Ketan Agarwal Murder Case: आरोपी सिया गोयल के वकील का बड़ा कदम, भाई पर ठोका 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस
जूते के फीते बांधने का बहाना और मौत का 'सिग्नल'
लोनावला ग्रामीण पुलिस की जांच के अनुसार, यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी, जिसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई थी. सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने केतन की हत्या के लिए एक कोड वर्ड यानी 'सिग्नल' तय किया था.
योजना के मुताबिक, लोहागढ़ किले के टॉप पर पहुंचने के बाद सिया अचानक जमीन पर बैठ गई और अपने जूते के फीते बांधने का नाटक करने लगी. यह चेतन चौधरी के लिए इशारा था. हुडी पहने हुए चेतन ने मौका पाते ही केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धकेल दिया. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से घटना से पहले और बाद में अपने फोन से आपस में की गई कई चैट और कॉल हिस्ट्री डिलीट कर दी थी. डिजिटल फॉरेंसिक जांच के लिए सभी आरोपियों के मोबाइल फोन लैब भेज दिए गए हैं.
लोहागढ़ किले में क्राइम सीन का री-क्रिएशन
मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए पुणे पुलिस की टीम सह-आरोपी चेतन चौधरी और सिया गोयल को लोहागढ़ किले लेकर गई, जहां पूरी घटना का क्राइम सीन री-क्रिएट (Crime Scene Recreation) किया गया. पुलिस ने एक डमी (पुतले) को उसी जगह से नीचे गिराकर देखा ताकि घटना के सटीक घटनाक्रम को समझा जा सके.
इसके साथ ही, पुलिस ऐतिहासिक स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है. आरोपी चेतन की मौजूदगी की पुष्टि के लिए पुलिस 'गेट एनालिसिस' (Gait Analysis - व्यक्ति के चलने के विशेष तरीके से पहचान करने की तकनीक) का इस्तेमाल कर रही है, क्योंकि घटना के समय उसने हुडी से अपना चेहरा छिपाने की कोशिश की थी.
शादी टूटने के डर से रची खूनी साजिश
मूल रूप से पुणे के रहने वाले केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी और नवंबर 2026 में उदयपुर के एक पैलेस में उनकी भव्य शादी होने वाली थी. केतन के पिता विशाल अग्रवाल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, केतन ने कई बार सिया की चेतन से नजदीकियों को लेकर चिंता जताई थी.
पुलिस के मुताबिक, सिया अपनी मंगेतर की हैसियत और परिवार की बदनामी के डर से सगाई नहीं तोड़ना चाहती थी, लेकिन वह चेतन के साथ रिलेशनशिप में भी थी. इसलिए दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने का फैसला किया. इससे पहले 6 जून को सिया ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़कर टॉयलेट में फेंक दिया था, ताकि उनका प्री-वेडिंग बाली ट्रिप कैंसिल हो जाए। वहीं 14 जून को भी उसे पहाड़ी से गिराने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब केतन एक झाड़ी पकड़कर बच गया था. फिलहाल पुणे की अदालत ने दोनों आरोपियों को 3 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.