Ketan Agarwal Murder Case: आरोपी सिया गोयल के वकील का बड़ा कदम, भाई पर ठोका 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस
केतन अग्रवाल हत्याकांड (Photo Credits: File Image)

पुणे/मुंबई: चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड (Ketan Agarwal Murder Case) में मुख्य आरोपी 20 वर्षीय सिया गोयल (Siya Goyal) के कानूनी प्रतिनिधित्व (लीगल रिप्रेजेंटेशन) को लेकर विवाद गहरा गया है. अदालत में खुद को सिया गोयल का असली वकील बताने वाले दो दिग्गजों के बीच छिड़ी इस जंग के बाद अब एक बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है. एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव (Advocate Aashuutosh Srivastava) ने आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल को 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है. यह नोटिस साहिल द्वारा मीडिया में दिए गए उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने आशुतोष श्रीवास्तव को वकील नियुक्त किए जाने की बात से साफ इनकार किया था. यह भी पढ़ें: Ketan Agarwal Murder Case: 'अगर मेरी बेटी दोषी है तो उसे भी उसी किले से नीचे फेंक दो'- केतन अग्रवाल हत्याकांड में सिया की मां की बड़ी मांग (Watch Video)

भाई के किस बयान पर भड़के वकील?

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 29 जून 2026 को एक टीवी इंटरव्यू में साहिल गोयल ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उनके परिवार ने एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव की सेवाएं कभी ली ही नहीं हैं. साहिल ने यहां तक आरोप लगाया कि श्रीवास्तव ने उनकी बहन सिया से धोखे या झांसा देकर कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए होंगे.

इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एडवोकेट आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि साहिल का यह दावा पूरी तरह झूठा, भ्रामक और उनकी पेशेवर प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला है.

"वकालतनामे पर सिया के खुद के हस्ताक्षर हैं"

एडवोकेट श्रीवास्तव ने वीडियो बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने बताया कि 25 जून को सिया गोयल ने खुद स्वेच्छा से उनके और उनकी टीम के पक्ष में 'वकालतनामा' (वकील को केस सौंपने का आधिकारिक दस्तावेज) निष्पादित किया था.

श्रीवास्तवा के मुताबिक, यह दस्तावेज मजिस्ट्रेट कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट दोनों के आधिकारिक रिकॉर्ड पर दर्ज किया जा चुका है. उन्होंने कहा:

सिया गोयल बालिग हैं और अपना वकील चुनने का उन्हें पूरा अधिकार है, हमारी टीम ने सीधे सिया से मुलाकात की थी और उनके अनुरोध पर ही केस संभाला है. हमारा उनके भाई साहिल से न तो कोई फोन पर संपर्क हुआ और न ही कोई ईमेल ट्रांसफर हुआ. उनका बयान गैर-जिम्मेदाराना और पूरी कानूनी बिरादरी पर हमला है.

कोर्ट रूम में खड़ा हुआ नया ड्रामा

दूसरी तरफ, एडवोकेट विपुल दुशिंग का दावा है कि गोयल परिवार ने आधिकारिक तौर पर उन्हें ही सिया का वकील नियुक्त किया है. यह विवाद सोमवार को पुणे की वडगांव मावल कोर्ट में उस समय और उलझ गया जब रिमांड सुनवाई के दौरान खुद आरोपी सिया गोयल ने मजिस्ट्रेट से कहा कि उनके वकील विपुल दुशिंग हैं, न कि श्रीवास्तव। परिवार ने इस संबंध में अदालत में एक हलफनामा भी दायर किया है.

क्या है मुख्य केतन अग्रवाल हत्याकांड?

यह कानूनी विवाद जिस मुख्य मामले से जुड़ा है, वह 25 वर्षीय पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत का है. 18 जून 2026 को लोनावला के पास ऐतिहासिक लोहगढ़ किले के एक गहरे ढलान (खाई) से गिरकर केतन की मौत हो गई थी.

शुरुआत में लोनावला रूरल पुलिस ने इसे फोटो खिंचवाने के दौरान पैर फिसलने से हुई एक दुर्घटना माना था. हालांकि, बाद में मिले सीसीटीवी फुटेज और डिलीट किए गए डिजिटल डेटा की जांच के बाद पुलिस ने इसे एक सुनियोजित हत्या और आपराधिक साजिश का मामला पाया. पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को किले की चोटी से नीचे धकेलने की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। फिलहाल मामले की जांच जारी है.