सीएम योगी की फटकार के बाद राजस्व संबंधी मामलों के निपटारे में आयी तेजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद राजस्व के पेंडिंग मामलों के निपटारे में तेजी दर्ज की गयी है. वर्तमान में राजस्व वाद के पेंडिंग मामलों के निस्तारण का रेश्यो शत-प्रतिशत दर्ज किया गया है जबकि राजस्व के मामलों के निस्तारण का रेश्यो 90 प्रतिशत पार कर गया है.
लखनऊ, 19 अक्टूबर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद राजस्व के पेंडिंग मामलों के निपटारे में तेजी दर्ज की गयी है. वर्तमान में राजस्व वाद के पेंडिंग मामलों के निस्तारण का रेश्यो शत-प्रतिशत दर्ज किया गया है जबकि राजस्व के मामलों के निस्तारण का रेश्यो 90 प्रतिशत पार कर गया है. यह जानकारी 16 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव राजस्व ने दी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम कमांड सेंटर की रिपोर्ट की समीक्षा की थी, जिसमें उन्होंने राजस्व के मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने में हीलाहवाली पर कड़ी फटकार लगाई थी. उन्होंने अधिकारियों को इसमें सुधार लाने की सख्त हिदायत देते हुए एक माह का वक्त दिया था. उसी का असर है कि एक माह में करीब-करीब पांच लाख राजस्व वादों का निपटारा किया गया है जबकि एक वर्ष से पांच वर्ष के विचाराधीन 2.6 लाख वादों का निपटारा किया गया. यह भी पढ़ें : National Games Of India 2023: गोवा में राष्ट्रीय खेल शुरू, 26 अक्टूबर को होगा औपचारिक उद्घाटन
अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 अक्टूबर को राजस्व की समीक्षा बैठक में राजस्व के पेंडिंग मामलों के निस्तारण के शत-प्रतिशत रेश्यो पर खुशी जाहिर की जबकि राजस्व के अन्य मामलों के निपटारे का रेश्यो 95 प्रतिशत करने के निर्देश दिये. सर्वाधिक राजस्व वादों का निस्तारण लखनऊ (1,00,307 वाद), बलिया (70,761 वाद), प्रयागराज (65,771 वाद), गोरखपुर (62,906 वाद), गोंडा (58,264 वाद) द्वारा किया गया है. इसी तरह पैमाइश के मामलों के निपटारे में टॉप पांच जिलों में बलिया, आजमगढ़, एटा, गाजीपुर और लखनऊ शामिल हैं. कुल 5,33,089 मामले रजिस्टर्ड हुए, जिनमें से 4,36,921 मामले निस्तारित किए जा चुके हैं.
पिछले एक माह में 29,032 मामलों को निपटाया गया है. इन मामलों को उपजिलाधिकारी स्तर पर 90 दिनों में निपटाने का प्राविधान है. नामान्तरण के 1,26,29,738 आवेदन आए, जिसमें से 1,18,86,265 आवेदन का निस्तारण किया गया, जिसका रेश्यो 94 प्रतिशत से अधिक रहा. इनमें बलिया, गाेंडा, शाहजहांपुर, लखनऊ और बस्ती का अच्छा प्रदर्शन रहा. इसी तरह कुर्रा बटवारा के 4,82,238 आवेदन आए, जिसमें से 31,282 आवेदन का निस्तारण किया गया. इनमें बलिया, गाेंडा, गाजीपुर, कुशीनगर और आजमगढ़ का अच्छा प्रदर्शन रहा. मालूम हो कि कुर्रा बटवारा के मामलों को निपटाने की समय सीमा 6 माह है, जिसे उप जिलाधिकारी स्तर से निपटाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 19, 2023 03:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

