उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में आया नया मोड़

उत्तराखंड के तीन साल पुराने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित बीजेपी के एक पूर्व विधायक का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं के इस मामले में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

उत्तराखंड के तीन साल पुराने अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित बीजेपी के एक पूर्व विधायक का एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी के ही कुछ वरिष्ठ नेताओं के इस मामले में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं.तीन साल पहले उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है. बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कई खुलासे कर रहे हैं. सुरेश राठौर का ये ऑडियो उन्हीं की कथित पत्नी उर्मिला सनोवर ने एक वीडियो के जरिए वायरल किया जिसमें उन्होंने बीजेपी नेता के खिलाफ कई आरोप लगाए.

उर्मिला सनोवर के आरोपों और सुरेश राठौर के ऑडियो को लेकर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीन दिन पहले दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मामले की नए सिरे से जांच की मांग की.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गणेश गोदियाल ने कहा, "बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर का एक ऑडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा खुलासा कर रहे हैं. वो बता रहे हैं कि अंकिता की हत्या इसलिए हुई क्योंकि अंकिता के ऊपर दुष्यंत कुमार गौतम के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया जा रहा था. दुष्यंत कुमार गौतम बीजेपी उत्तराखंड के प्रभारी हैं. बेटियों के प्रति बीजेपी के नेता कैसी नीयत रखते हैं, ये इस बात की एक शर्मनाक सच्चाई है.”

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गणेश गोदियाल ने कहा कि जब ये घटना घटी थी, तभी अंकिता भंडारी के कमरे को बुलडोजर से तोड़ा गया था और बिस्तर को जलाने की कोशिश की गई थी यानी सबूतों को मिटाने की साजिश थी.

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व बीजेपी विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनोवर के वीडियो को भी दिखाया जिसमें वो अंकिता भंडारी मामले में चर्चित वीआईपी के तौर पर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम का जिक्र कर रही हैं. वीडियो में बीजेपी के कुछ और नेताओं का भी जिक्र है.

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गणेश गोदियाल ने राज्य सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया और पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में सीबीआई जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार दस दिनों के भीतर यदि सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी.

क्या था पूरा मामला?

उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक रिजॉर्ट में बतौर रिसेप्शनिस्ट काम करने वाली अंकिता भंडारी तीन साल पहले अचानक गायब हो गई और बाद में उसकी लाश एक नहर के पास मिली थी. अंकिता की हत्या का आरोप रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और रिजॉर्ट के असिस्टेंट मैनेजर पर लगा था.

उस वक्त राज्य के डीजीपी अशोक कुमार ने मीडिया को बताया था कि अंकिता ने अपने एक मित्र को चैट पर बताया था कि उसे रिजॉर्ट के अतिथियों को ‘विशेष सेवाएं' देने के लिए मजबूर किया जा रहा था.

19 साल की अंकिता की हत्या के बाद न सिर्फ उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में आक्रोश था. पुलिस ने इस हत्या के आरोप में रिजॉर्ट के मालिक और उत्तराखंड सरकार में पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को गिरफ्तार किया था. मामला सुर्खियों में आने के बाद बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए विनोद आर्य और उनके बेटे अंकित आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया था.

परिजनों की नाराजगी

लेकिन जिस आनन-फानन में अंकिता का अंतिम संस्कार कराया गया, उसे लेकर परिवार वालों ने नाराजगी जताई थी. अंकिता का परिवार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से भी संतुष्ट नहीं था और आरोप लगाया था कि मामले पर पर्दा डालने और ‘बड़े लोगों' को बचाने की साजिश हो रही है.

यही नहीं, जिस रिजॉर्ट में अंकिता काम करती थी, आनन-फानन में उस पर बुलडोजर चला दिया गया और अंकिता का वह कमरा भी तोड़ दिया गया जिसमें वो रहती थी. परिजनों ने आशंका जताई थी कि वहां हत्या से जुड़े सबूत हो सकते थे जिन्हें नष्ट कर दिया गया. अंकिता के पिता ने उस वक्त आरोप लगाया था कि सबूत मिटाने के लिए ही बुलडोजर चलाया गया.

रिजॉर्ट मालिक समेत तीन को उम्रकैद

घटना की एसआईटी की जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य कर्मियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई. लंबी सुनवाई के बाद इसी साल मई में तीनों अभियुक्तों को हत्या के लिए दोषी पाया गया और तीनों को आजीवन कारावास की सजा हुई. हालांकि इस पूरे मामले में उस ‘वीआईपी' की पहचान अनजान ही बनी रही, जिन्हें कथित तौर पर ‘विशेष सेवाएं' देने के लिए अंकिता भंडारी पर दबाव बनाया जा रहा था. लेकिन अब उसी वीआईपी की पहचान का दावा होने पर मामला फिर सुर्खियों में है.

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हालांकि पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने वायरल ऑडियो को फेक बताते हुए उर्मिला सनोवर पर राजनीतिक विरोधियों के हाथों में खेलने का आरोप लगाया है. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "वायरल ऑडियो पूरी तरह फर्जी और आर्टिफिशियल है जिसकी मैं फोरेंसिक जांच की मांग कर रहा हूं. जांच में मेरे खिलाफ कोई भी तथ्य सामने आता है, तो मैं सजा भुगतने के लिए तैयार हूं. उर्मिला सनावर मेरे नाम का दुरुपयोग कर पूरे प्रदेश में भ्रम फैला रही हैं.”

सुरेश राठौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उर्मिला सनोवर पर कई गंभीर आरोप भी लगाए और उन्हें कांग्रेस एजेंट तक बता दिया.

वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत गौतम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में उनका नाम आने संबंधी खबरें प्रसारित होने पर आपत्ति जताई है.

उन्होंने राज्य के गृह सचिव को पत्र लिखकर इंटरनेट प्लेटफार्म, फेसबुक, मेटा, इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब चैनलों में प्रसारित खबरों को असत्य और मनगढ़ंत बताते हुए इस तरह की सामग्री को हटाने और इसके प्रसार पर रोक लगाने का अनुरोध किया है.

इसके अलावा सुरेश राठौर और उर्मिला सनोवर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है.

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