8th Pay Commission Salary Calculator: लेवल 10 कर्मचारियों को 10 साल में मिल सकते हैं 25 लाख रुपये ज्यादा, जानें पूरा कैलकुलेशन
यह पूरा कैलकुलेशन केवल अनुमानित फिटमेंट फैक्टर (2.1) और संभावित इंक्रीमेंट दर के आधार पर तैयार किया गया है. सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर, इंक्रीमेंट दर या नई वेतन संरचना पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. वास्तविक वेतन वृद्धि आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी.
8th Pay Commission Salary Calculator: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मौजूदा पे मैट्रिक्स के आधार पर किए गए एक अनुमानित कैलकुलेशन के अनुसार, यदि पे लेवल 10 कर्मचारियों के लिए वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत कर दी जाती है, तो उन्हें अगले 10 वर्षों में करीब 25 लाख रुपये अतिरिक्त ग्रॉस सैलरी मिल सकती है. यह लाभ मुख्य रूप से ग्रुप A अधिकारियों, इंजीनियरों और अन्य लेवल 10 कर्मचारियों को मिलेगा.
किस आधार पर किया गया है यह कैलकुलेशन?
फिलहाल 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों को हर साल 3 प्रतिशत का वार्षिक इंक्रीमेंट मिलता है. हालांकि, कई कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग से इसे बढ़ाकर कम से कम 6 प्रतिशत करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों की लंबी अवधि की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.
मौजूदा 7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के अनुसार, लेवल 10 का शुरुआती बेसिक वेतन 56,100 रुपये है, जो अधिकतम 1,77,500 रुपये तक जाता है. यदि अनुमानित 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए, तो 8वें वेतन आयोग के तहत शुरुआती बेसिक वेतन लगभग 1,17,810 रुपये प्रति माह हो सकता है.
10 साल में कितना बढ़ेगा वेतन?
इसी अनुमानित मॉडल के अनुसार, यदि वार्षिक इंक्रीमेंट 3 प्रतिशत ही बना रहता है, तो लेवल 10 कर्मचारी की 10 वर्षों की कुल ग्रॉस सैलरी लगभग 1.62 करोड़ रुपये होगी. वहीं, यदि इंक्रीमेंट 6 प्रतिशत कर दिया जाता है, तो यही राशि बढ़कर करीब 1.86 करोड़ रुपये पहुंच सकती है.
इस तरह केवल वार्षिक इंक्रीमेंट बढ़ने से, बिना फिटमेंट फैक्टर या भत्तों में किसी अतिरिक्त बदलाव के, कर्मचारी को 10 वर्षों में लगभग 25 लाख रुपये अतिरिक्त ग्रॉस सैलरी मिल सकती है.
अन्य पे लेवल पर भी दिखेगा असर
इसी गणना पद्धति के अनुसार, अन्य पे लेवल पर भी बड़ा अंतर देखने को मिलता है.
लेवल 8 (शुरुआती बेसिक वेतन 47,600 रुपये): 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट पर 10 साल में लगभग 1.38 करोड़ रुपये, जबकि 6 प्रतिशत पर करीब 1.58 करोड़ रुपये. यानी लगभग 20.6 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ.
लेवल 6 (शुरुआती बेसिक वेतन 35,400 रुपये): 10 वर्षों में करीब 15.3 लाख रुपये का अतिरिक्त फायदा.
लेवल 4 (शुरुआती बेसिक वेतन 25,500 रुपये): लगभग 11 लाख रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं.
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जैसे-जैसे बेसिक वेतन बढ़ता है, 3 प्रतिशत और 6 प्रतिशत इंक्रीमेंट के बीच का अंतर भी तेजी से बढ़ता जाता है. इसलिए वरिष्ठ पे लेवल के कर्मचारियों को इसका अधिक लाभ मिल सकता है.
6 प्रतिशत इंक्रीमेंट की मांग कौन कर रहा है?
कई कर्मचारी संगठनों ने वार्षिक इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग की है. इनमें नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) शामिल हैं, जिन्होंने 6 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट की सिफारिश की है.
इसके अलावा, इंडियन रेलवे सुपरवाइजर्स एसोसिएशन ने 5 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट की मांग की है, जबकि ऑल इंडिया न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने इसे 7 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा है.
8वें वेतन आयोग की वर्तमान स्थिति
8वां केंद्रीय वेतन आयोग फिलहाल विभिन्न हितधारकों से सुझाव और राय जुटा रहा है. आयोग की अध्यक्ष पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज रंजना प्रकाश देसाई हैं. आयोग की अंतिम रिपोर्ट 2027 के आसपास आने की उम्मीद है. फिलहाल आयोग ने यह संकेत नहीं दिया है कि वह मौजूदा 3 प्रतिशत वार्षिक इंक्रीमेंट को बढ़ाने की सिफारिश करेगा या नहीं.
ध्यान रखें
यह पूरा कैलकुलेशन केवल अनुमानित फिटमेंट फैक्टर (2.1) और संभावित इंक्रीमेंट दर के आधार पर तैयार किया गया है. सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर, इंक्रीमेंट दर या नई वेतन संरचना पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. वास्तविक वेतन वृद्धि आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी.