Bhiwandi Food Poisoning: भिवंडी में 'फेमस शावरमा' स्टॉल का खाना खाकर 80 लोग अस्पताल में भर्ती, फूड पॉइजनिंग के बाद प्रशासन सख्त
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में एक प्रसिद्ध रोडसाइड स्टॉल से चिकन शावरमा और पिज्जा खाने के बाद करीब 80 लोग गंभीर फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए हैं. मरीजों में 8 बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेमोरियल (IGM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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भिवंडी (ठाणे), 20 जून: महाराष्ट्र (Maharashtra) के ठाणे जिले के भिवंडी (Bhiwandi) शहर में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग (Food Poisoning) (खाद्य विषाक्तता) का एक बड़ा और गंभीर मामला सामने आया है. एक स्थानीय सड़क किनारे स्थित लोकप्रिय स्टॉल से स्ट्रीट फूड खाने के बाद करीब 80 लोगों को तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है. प्रभावित लोगों को उल्टी, दस्त और पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद गुरुवार शाम से इंदिरा गांधी मेमोरियल (IGM) अस्पताल में भर्ती कराने का सिलसिला शुरू हुआ. चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आपातकालीन स्थिति के बावजूद सभी मरीजों का इलाज सुचारू रूप से चल रहा है और फिलहाल सभी की हालत स्थिर है. यह भी पढ़ें: FSSAI का बड़ा एक्शन: 'हेल्थ-वाशिंग' और भ्रामक दावों पर कसा शिकंजा; इमानी, द हेल्थ फैक्ट्री समेत कई मशहूर फूड ब्रांड्स को नोटिस
'फेमस शावरमा' से खाना खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना भिवंडी के खांडूपाड़ा इलाके में स्थित "फेमस शावरमा" (Famous Shawarma) नाम के एक फूड स्टॉल से जुड़ी है. शांति नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विनायक गायकवाड़ ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार (17 जून) की शाम को लोगों ने इस स्टॉल से चिकन शावरमा, पिज्जा और फालूदा जैसी चीजें खाई थीं। इसके अगले दिन यानी गुरुवार सुबह से लोगों को उल्टी, दस्त और पेट में मरोड़ उठने लगी.
शुरुआती तौर पर कई लोगों ने स्थानीय क्लीनिकों में प्राथमिक उपचार लिया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उन्हें आपातकालीन स्थिति में आईजीएम अस्पताल भागना पड़ा. गुरुवार की देर रात मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी, जब एक साथ 24 नए मरीजों को भर्ती किया गया.
मरीजों में बच्चे भी शामिल, अस्पताल में इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू
इस सामूहिक फूड पॉइजनिंग का शिकार कई पूरा परिवार भी हुआ है, जो स्टॉल से खाना पैक करवाकर घर ले गए थे. आईजीएम अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) माधुरी पन्हाले ने बताया कि कुल भर्ती मरीजों का आंकड़ा 80 तक पहुंच गया है.
सीएमओ माधुरी पन्हाले का बयान: "मरीजो में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं. इन 80 मरीजों में से 8 बच्चे हैं जिन्हें पीडियाट्रिक (बाल चिकित्सा) वार्ड में रखा गया है. सभी में पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसे एक समान लक्षण हैं, जबकि कुछ मरीजों को तेज बुखार भी है. राहत की बात यह है कि सभी की हालत स्थिर है और कोई भी गंभीर (क्रिटिकल) स्थिति में नहीं है."
अस्पताल प्रशासन ने तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू करते हुए सभी 80 मरीजों को इंट्रावेनस (IV) ड्रिप (सलाइन) पर रखा है और उन्हें एंटीबायोटिक्स दवाओं का कोर्स दिया जा रहा है.
पुलिस जांच शुरू, लिए गए सैंपल
नगर निकाय और अस्पताल से अलर्ट मिलने के बाद शांति नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी मरीजों के बयान दर्ज करने अस्पताल पहुंचे. पुलिस ने खांडूपाड़ा स्थित संबंधित फूड स्टॉल पर जाकर भोजन पकाने और उसे स्टोर करने की स्थितियों की जांच शुरू कर दी है.
फूड पॉइजनिंग के पीछे जिम्मेदार जैविक या रासायनिक बैक्टीरिया का पता लगाने के लिए अस्पताल की लैब में मरीजों के स्टूल और वोमिट सैंपल कलेक्ट कर माइक्रोबायोलॉजिकल कल्चर टेस्ट के लिए भेजे गए हैं. इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officials) स्टॉल से खाद्य सामग्रियों के नमूने एकत्र कर रहे हैं ताकि संदूषण (Contamination) के सही कारणों का पता लगाया जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2026 08:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

