Pune Ring Road: पुणे में ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, रिंग रोड के पूर्वी विस्तार के लिए ₹10,502 करोड़ की संशोधित लागत मंजूर
महाराष्ट्र सरकार ने पुणे रिंग रोड के पूर्वी विस्तार (ईस्टर्न अलाइनमेंट) के लिए ₹10,502.36 करोड़ के संशोधित बजट को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है. 31.8 किलोमीटर लंबे इस एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण से पुणे शहर के अंदरूनी हिस्सों में भारी वाहनों की आवाजाही कम होगी और नागरिकों को दैनिक ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी.
Pune Ring Road: पुणे शहर के तेजी से होते विस्तार और दैनिक यातायात की गंभीर समस्या को दूर करने के लिए महत्वाकांक्षी 'पुणे रिंग रोड' परियोजना को गति मिल गई है. राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा समिति (कैबिनेट इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी) ने रिंग रोड के पूर्वी विस्तार (ईस्टर्न अलाइनमेंट) परियोजना के लिए ₹10,502.36 करोड़ के संशोधित प्रशासनिक खर्च को मंजूरी प्रदान कर दी है.
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) द्वारा इस एक्सेस-कंट्रोल्ड (प्रवेश नियंत्रित) एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा. यह भी पढ़े: Hinjewadi to Shivajinagar Metro Start Date: क्या पुणे में गणेशोत्सव से पहले दौड़ेगी हिंजवडी-शिवाजीनगर मेट्रो? जानें उद्घाटन को लेकर ताजा अपडेट
सोरतापवाड़ी से वरवे तक सीधा और तेज सफर
पूर्वी विस्तार परियोजना के तहत पुणे-सोलापूर मार्ग पर स्थित सोरतापवाड़ी (वलती) से पुणे-सातारा मार्ग पर स्थित वरवे बुद्रुक (शिवरे) के बीच 31.805 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा.
वर्तमान में सोलापुर, सातारा और मराठवाड़ा की ओर से आने वाले हजारों भारी वाहन शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरते हैं, जिससे हडपसर, कातरज और स्वारगेट जैसे इलाकों में यातायात ठप हो जाता है. यह नया मार्ग चालू होने के बाद अंतरराज्यीय और अंतर-शहरी भारी यातायात सीधे शहर के बाहर से ही डायवर्ट हो जाएगा, जिससे अंदरूनी सड़कों पर वाहनों का दबाव काफी कम होगा.
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं और संरचना
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कुल लंबाई: पूरा पुणे रिंग रोड प्रोजेक्ट 168.981 किलोमीटर लंबा है. पूर्वी विस्तार से इस कॉरिडोर को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी.
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6-लेन और गति सीमा: दोनों तरफ 3-3 लेन वाले इस हाईवे पर वाहनों की गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है.
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पुल और सुरंगें: इस 31.8 किलोमीटर लंबे खंड पर 1 इंटरचेंज, 3 बड़े पुल, 5 छोटे पुल, 18 वायाडक्ट (उन्नत मार्ग/फ्लाईओवर) और 4 बोगदे (सुरंगें) बनाए जाएंगे.
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पर्यावरण संरक्षण: सड़क के दोनों ओर वृक्षारोपण और इंटरचेंज के पास लैंडस्केपिंग की योजना शामिल है.
80% भू-अधिग्रहण पूरा, जून 2029 का लक्ष्य
एमएसआरडीसी के अनुसार, परियोजना के लिए आवश्यक भूमि में से लगभग 80 प्रतिशत भू-अधिग्रहण का काम पहले ही पूरा हो चुका है. इस संपूर्ण रिंग रोड को जून 2029 तक पूरा कर जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है.
शहर के बाहर से सुरक्षित और तीव्र मार्ग उपलब्ध होने से यात्रियों के समय और ईंधन की बचत होगी, साथ ही वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण में भी गिरावट आएगी. इसके अलावा, चाकण और अन्य एमआईडीसी (MIDC) औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई करने वाले वाहनों को भी सुगम मार्ग मिल सकेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 19, 2026 10:16 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

