कोरोना काल में भारत में 40 अरबपति जुड़े, अदाणी-अंबानी की संपत्ति बढ़ी: रिपोर्ट
कोरोना काल में वर्ष 2020 के दौरान भारत में 40 उद्यमी अरबपतियों की सूची में जुड़ गये. इन्हें मिलाकर भारत के कुल 177 लोग अरबपतियों की सूची में शामिल हो गये. एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह कहा गया.
मुंबई, 2 मार्च : कोरोना काल (Corona era) में वर्ष 2020 के दौरान भारत में 40 उद्यमी अरबपतियों की सूची में जुड़ गये. इन्हें मिलाकर भारत के कुल 177 लोग अरबपतियों की सूची में शामिल हो गये. एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह कहा गया. दुनिया के धनी लोगों की हुरुन ग्लोबल की इस सूची में कहा गया है कि वर्ष 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में रही भारत में 40 लोग अरबपतियों (Billionaires) की सूची में पहुंच गये. रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी लगातार सबसे अमीर भारतीय बने हुये हैं. उनकी संपत्ति 24 प्रतिशत बढ़कर 83 अरब डालर पर पहुंच गई. दुनिया के अरबपतियों की सूची में वह एक पायदान चढ़कर आठवें नंबर पर पहुंच गये. गुजरात के उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) की संपत्ति में भी अच्छा इजाफा हुआ है. वर्ष 2020 में उनकी संपत्ति 32 अरब डालर तक पहुंच गई और दुनिया के अमीरों की सूची में उनका स्थान 20 पायदान चढ़कर 48 नंबर पर पहुंच गया. मुकेश अंबानी के बाद वह दूसरे सबसे अमीर भारतीय बन गये हैं. उनके भाई विनोद की संपत्ति 128 प्रतिशत बढ़कर 9.8 अरब डालर हो गई.
आईटी कंपनी एचसीएल के शिव नाडर भारत के अरबपतियों की सूची में 27 अरब डालर की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर रहे.
महिन्द्रा समूह के आनंद महिन्द्रा की संपत्ति में भी 100 प्रतिशत वृद्धि हुई है और यह 2.4 अरब डालर हो गई. बॉयकोन की किरण मजूमदार की संपत्ति 41 प्रतिशत बढ़कर 4.8 अरब डालर हो गई. वहीं पतंजलि आयुर्वेद के आचार्य बालकृष्ण की संपत्ति इस दौरान 32 प्रतिशत घटकर 3.6 अरब डालर रह गई. वैश्विक स्तर पर यदि बात की जाये तो टेस्ला के एलोन मुस्क 197 अरब डालर की संपत्ति के साथ सबसे शीर्ष पर रहे हैं. इसके बाद अमेजन के जैफ बेजोस का स्थान रहा है. उनकी संपत्ति 189 अरब डालर रही है. इस रिपोर्ट में 15 जनवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक व्यक्तिगत या फिर पारिवारिक संपत्ति के तौर पर आकलन किया गया है. यहां यह उल्लेखनीय है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष के दौरान सात प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान व्यक्त किया गया है. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के प्रकोप से बचने के लिये सरकार को लॉकडाउन लगाना पड़ा था. यह भी पढ़ें : Covid-19 Vaccine: गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने ली कोविड वैक्सीन
हुरुन इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य शोधकर्ता अनास रहमान जुनैद ने कहा कि भारत में संपत्ति का सृजन चक्रीय अथवा परंपरागत उद्योगों पर आधारित है जबकि अमेरिका और चीन में यह प्रौघोगिकी उद्योग पर आधारित है. रिपोर्ट के मुताबिक साफ्टवेयर कंपनी जैडक्लेर के जय चौधरी की संपत्ति इस दौरान 274 प्रतिशत बढ़कर 13 अरब डालर हो गई जबकि बायजू के रविन्द्रन और परिवार की संपत्ति 100 प्रतिशत बढ़कर 2.8 अरब डालर पर पहुंच गई. विविध क्षेत्रों में कारोबार करने वाले महिन्द्रा समूह के प्रमुख आनंद महिन्द्रा और परिवार की संपत्ति भी इस दौरान दोगुनी होकर 2.4 अरब डालर हो गई. वहीं बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार शा की संपत्ति 41 प्रतिशत बढ़कर 4.8 अरब डालर, गोदरेज की स्मिता वी क्रिष्णा की संपत्ति 4.7 अरब डालर और लुपिन की मंजू गुप्ता की संपत्ति 3.3 अरब डालर पर पहुंच गई. वैश्विक स्तर पर यदि बात की जाये तो टेस्ला के एलोन मुस्क 197 अरब डालर की संपत्ति के साथ सबसे शीर्ष पर रहे हैं. इसके बाद अमेजन के जैफ बेजोस का स्थान रहा है. उनकी संपत्ति 189 अरब डालर रही है. फ्रांस के फ्रेंचमैन बनार्ड अमाल्ट की संपत्ति 114 अरब डालर रही है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 02, 2021 02:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

