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आज ही के दिन भारत ने अपनाया था संविधान, जानें इससे जुड़ी कुछ बड़ी बातें

भारतीय संविधान में साफ है क‍ि भारत सब धर्मों को मानने वाला देश है. इसका कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और न क‍िसी एक धर्म को बढ़ावा देना इसका लक्ष्‍य है. हर नागर‍िक को समान अध‍िकार है.

आज ही के दिन भारत ने अपनाया था संविधान, जानें इससे जुड़ी कुछ बड़ी बातें
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Constitution Day: 26 नवंबर भारत के इतिहास का बेहद अहम दिन है. इसी दिन संविधान सभा ने अपनी स्वीकृति दी थी. इस वजह से इस दिन को ‘संविधान दिवस’ (Constitution Day) के तौर पर मनाया जाता है. 26 नवंबर 1949 के द‍िन देश में भारतीय संविधान सभा द्वारा पारि‍त क‍िया गया. इसके ठीक एक साल बाद यह 26 नवंबर 1950 को लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू हुआ. भारत के संविधान न‍िर्माता के रूप में डॉ भीमराव अंबेडकर को जाना जाता है. इन्‍होंने भारतीय संव‍िधान के रूप में दुन‍िया का सबसे बड़ा संव‍ि‍धान तैयार क‍िया है.

भारतीय संविधान में वर्तमान में 465 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियां हैं और ये 22 भागों में विभाजित है. इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद, जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियां थीं.

भारतीय संविधान दुनिया में सबसे बड़ा है:

प्रत्येक भारतीय के लिए वाकई यह गर्व की बात है कि भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है. इसे बनाने में करीब 2 साल 11 महीने और 17 दिन लगे. आपको जानकार शायद हैरानी होगी कि भारतीय संविधान ना ही टाईप किया गया था और ना इसका प्रिंट निकाला गया था. हमारे पूरे संविधान को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में हाथ से लिखा गया था. शांति निकेतन के राम मनोहर सिन्हा और नंदलाल बोस जैसे महान कलाकारों द्वारा संविधान को पन्नों-पन्नों में खूबसूरती से उकेरा गया है. जिसकी ओरिजनल कॉपी संसद की लाइब्रेरी हीलियम केसेस में रखी गई है.

समान अध‍िकार:

भारतीय संविधान में साफ है क‍ि भारत सब धर्मों को मानने वाला देश है. इसका कोई आधिकारिक धर्म नहीं है और न क‍िसी एक धर्म को बढ़ावा देना इसका लक्ष्‍य है. हर नागर‍िक को समान अध‍िकार है.

पीएम मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 50 वां संस्करण में 'संविधान दिवस' का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इसी दिन हमारा संविधान बन कर तैयार हुआ था. पीएम मोदी ने कहा कि देश की महान विभूतियों ने हमें इतना व्यापक और विस्तृत संविधान दिया. इन्होंने जिस असाधारण गति से संविधान का निर्माण किया वो आज भी टाइम मैनेजमेंट और प्रॉडक्टिविटी का एक उदाहरण है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 26, 2018 10:47 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).