Kappa Variant: यूपी और राजस्थान में 'कप्पा’ वैरिएंट के 13 मामलों की पुष्टि, सरकार ने कहा- चिंता करने की कोई बात नहीं
देश में कोरोना की रफ्तार कम पड़ने लगी है. लेकिन हाल के दिनों में देश के दो राज्यों में वायरस के कप्पा वैरिएंट के दर्जनभर से ज्यादा मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है. राजस्थान में कोरोना वायरस के कप्पा स्वरूप से संक्रमित 11 मरीज मिले हैं. जबकि उत्तर प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान दो नमूनों में वायरस के ‘कप्पा’ वैरिएंट की पुष्टि हुई है.
नई दिल्ली: देश में कोरोना की रफ्तार कम पड़ने लगी है. लेकिन हाल के दिनों में देश के दो राज्यों में वायरस के कप्पा वैरिएंट (Kappa Variant) के दर्जनभर से ज्यादा मामले सामने आने से चिंता बढ़ गई है. राजस्थान में कोरोना वायरस के कप्पा वैरिएंट से संक्रमित 11 मरीज मिले हैं. जबकि उत्तर प्रदेश में जीनोम सीक्वेंसिंग के दौरान दो नमूनों में वायरस के ‘कप्पा’ वैरिएंट की पुष्टि हुई है. लैब टेस्टिंग में कोविड के वेरिएंट के खिलाफ मॉर्डना की वैक्सीन प्रभावी होने का दावा
राजस्थान के चिकित्सा व स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने मंगलवार को बताया कि कोरोना वायरस के कप्पा वैरिएंट से संक्रमित 11 मरीजों में से 4-4 अलवर और जयपुर, दो बाड़मेर से और एक भीलवाड़ा से हैं. हालांकि कप्पा वैरिएंट को डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले कम घातक बताया जा रहा है.
वहीं, उत्तर प्रदेश में गत दिनों केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय) में 109 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग की गई. प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक 107 नमूनों में कोविड-19 की दूसरी लहर में सामने आए डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई, जबकि दो नमूनों में वायरस का कप्पा वैरिएंट पाया गया. इससे संक्रमित 66 वर्षीय एक मरीज की मौत हो चुकी है.
डेल्टा प्लस की तरह कप्पा खतरनाक नहीं है. सरकार का कहना है कि कप्पा वैरिएंट कोई नई बात नहीं है, पहले भी इस स्वरूप के कई मामले सामने आ चुके हैं. यह कोरोना वायरस का एक सामान्य वैरिएंट हैं और इसका इलाज संभव हैं. पिछले हफ्ते एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल (Dr VK Paul) ने स्पष्ट किया कि कप्पा एक वीओआई (Variant of Interest) है. डॉ पॉल ने आगे कहा कि कप्पा बहुत कम तीव्रता का है और भारत में पहली बार इस के मामले फरवरी और मार्च में सामने आये थे.
उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सबसे पहले भारत में पाए गए कोरोना वायरस के वैरिएंट बी.1.617.1 और बी.1.617.2 को क्रमश: 'कप्पा' और 'डेल्टा' नाम दिया है. कोरोना वायरस के विभिन्न वैरिएंट के नामकरण के लिए डब्ल्यूएचओ ने यूनानी अक्षरों का सहारा लिया है. डब्ल्यूएचओ ने वायरस के वैरिएंट को सामान्य बातचीत के दौरान आसानी से समझने के लिए अल्फा, गामा, बीटा गामा जैसे यूनानी शब्दों का उपयोग करने की सिफारिश की.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 14, 2021 09:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

