UP Rajya Sabha Elections 2026: उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 12 प्रत्याशियों ने भरा पर्चा; भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार तय
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 रिक्त हो रही सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 6 अक्टूबर को संपन्न हो गई. कुल 12 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं, जिनमें से 9 नामांकन अंतिम दिन जमा किए गए. यदि 7 अक्टूबर को स्क्रूटनी और 9 अक्टूबर को नाम वापसी की समय सीमा तक अतिरिक्त पर्चे निरस्त या वापस हो जाते हैं, तो सभी 10 सीटों पर चुनाव निर्विरोध संपन्न हो जाएगा.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 10 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव की तस्वीर साफ होती नजर आ रही है. निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय सीमा के तहत 6 अक्टूबर को नामांकन का अंतिम दिन समाप्त होने तक कुल 12 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं.
राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्याबल को देखते हुए किसी मुकाबले के बिना ही परिणाम तय माने जा रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी के पास अपने आठ और समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन के पास अपने दो उम्मीदवारों को उच्च सदन भेजने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन हासिल है.
नामांकन पत्रों की जांच आज, 9 अक्टूबर तक नाम वापसी
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया अब अपने अगले चरण में पहुंच चुकी है:
- नामांकन की स्थिति: कुल 12 नामांकन पत्रों में से 9 नामांकन अंतिम दिन 6 अक्टूबर को दाखिल किए गए, जबकि 3 नामांकन पहले ही जमा कराए जा चुके थे.
- स्क्रूटनी और नाम वापसी: नामांकन पत्रों की औपचारिक जांच (स्क्रूटनी) 7 अक्टूबर को की जा रही है, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अक्टूबर 2026 तय है.
- मतदान की तारीख: यदि आवश्यकता पड़ी तो मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और उसी दिन शाम को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। मौजूदा 10 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है.
भाजपा के आठ और सपा के दो प्रमुख चेहरे मैदान में
दोनों ही प्रमुख दलों ने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने उम्मीदवार उतारे हैं:
- भाजपा के 8 उम्मीदवार: टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी बनाया है. पार्टी ने इस बार केंद्रीय मंत्रियों हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा सहित मौजूदा सांसदों को दोबारा टिकट नहीं दिया है.
- सपा के 2 उम्मीदवार: समाजवादी पार्टी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को अपना प्रत्याशी बनाया है. इन दोनों ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में 30 सितंबर को ही पर्चा दाखिल कर दिया था.
संख्याबल का समीकरण: निर्विरोध निर्वाचन की पूरी संभावना
उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं, जहां राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए लगभग 36 से 37 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है:
- भाजपा गठबंधन: एनडीए के पास 290 से अधिक विधायकों का मजबूत संख्याबल है, जो उसके आठों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त से भी अधिक है.
- सपा-कांग्रेस गठबंधन: समाजवादी पार्टी और सहयोगी कांग्रेस के विधायकों की संख्या दो प्रत्याशियों को संसद के उच्च सदन में पहुंचाने के लिए पूरी तरह अनुकूल है.
- तीसरा उम्मीदवार न उतारने की रणनीति: राजनीतिक जानकारों के अनुसार, शुरुआत में सपा द्वारा तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने और क्रॉस-वोटिंग कराने की चर्चा थी. हालांकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी का ध्यान किसी जोखिम भरे दांव के बजाय वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव और 403 सीटों के व्यापक जनाधार पर केंद्रित है.
यदि 9 अक्टूबर तक सभी डमी या निर्दलीय नामांकन वापस हो जाते हैं और 10 सीटों के लिए केवल 10 आधिकारिक उम्मीदवार शेष रहते हैं, तो चुनाव आयोग 16 अक्टूबर के मतदान से पहले ही सभी 10 प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर देगा.