Zubeen Garg Death Case: जुबीन गर्ग की विरासत को सहेजने के लिए बनेगा 'ट्रस्ट', पत्नी गरिमा ने न्याय की उम्मीद के साथ किया बड़ा ऐलान

असम के सांस्कृतिक महानायक जुबीन गर्ग की मृत्यु के तीन महीने बाद, उनकी पत्नी गरिमा गर्ग ने उनकी कलात्मक और सामाजिक विरासत को जीवित रखने के लिए 'जुबीन गर्ग ट्रस्ट' बनाने की घोषणा की है. साथ ही परिवार ने मामले में जल्द न्याय की मांग दोहराई है.

जुबनी गर्ग और गरीमा गर्ग (Photo Credits: IANS)

Zubeen Garg Death Case: असम के चहेते गायक और सांस्कृतिक प्रतीक जुबीन गर्ग (Zubeen Garg) आज भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन वो अपनी विरासत (Legacy) के जरिए लोगों के दिलों में आज भी जिंदा है. जुबिन गर्ग के निधन के बाद उनकी यादों और उनके द्वारा शुरू किए गए कार्यों को सहेजने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा गर्ग (Garima Garg) ने शुक्रवार को घोषणा की कि दिवंगत गायक की कलात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनके नाम पर एक औपचारिक 'ट्रस्ट' (Trust) स्थापित किया जाएगा. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब परिवार अभी भी जुबीन गर्ग की कथित हत्या के मामले में न्याय का इंतजार कर रहा है. यह भी पढ़ें: VIDEO: असम के मशहूर सिंगर Zubeen Garg का निधन, Scuba Diving हादसे में निधन; गाए थे कई हिट Bollywood गाने

तीन स्तंभों पर काम करेगा 'जुबीन गर्ग ट्रस्ट'

गरिमा गर्ग ने गुवाहाटी में पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि पिछले साढ़े तीन महीनों के विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है. इस ट्रस्ट का संचालन तीन मुख्य विंग (Wings) के माध्यम से किया जाएगा:

  1. कलागुरु फाउंडेशन: यह विंग सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेगा.
  2. अभिनय परफॉर्मिंग आर्ट्स: जुबीन गर्ग द्वारा अपनी बहन के नाम पर स्थापित इस संस्थान को युवाओं के बीच थिएटर और प्रदर्शन कला को बढ़ावा देने के लिए पुनर्जीवित किया जाएगा.
  3. अनुसंधान विंग (Research Wing): यह विभाग जुबीन गर्ग के जीवन, उनके रचनात्मक कार्यों और असमिया समाज में उनके योगदान का दस्तावेजीकरण और अध्ययन करेगा.

खारघुली संपत्ति बनेगी रचनात्मक केंद्र

ट्रस्ट की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए गरिमा गर्ग ने घोषणा की कि खारघुली स्थित परिवार की संपत्ति को ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा. यह स्थान सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों के केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जो जुबीन गर्ग के दिल के बेहद करीब थीं. गरिमा ने कहा, ‘जुबीन ने अपना जीवन असम के लोगों के लिए समर्पित कर दिया. अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके मूल्यों को बनाए रखें.’

जांच में तेजी लाने की अपील

जुबीन गर्ग की मृत्यु के मामले का जिक्र करते हुए गरिमा गर्ग ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और राज्य सरकार द्वारा अब तक की गई जांच के लिए आभार व्यक्त किया. हालांकि, उन्होंने अधिकारियों से मामले की जांच में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि परिवार और उनके प्रशंसकों को समय पर न्याय मिल सके. यह भी पढ़ें: Zubeen Garg की मौत के समय मौजूद सात लोग अभी तक जांच में शामिल नहीं हुए; असम के CM ने दिया केस से जुड़ा अहम अपडेट

व्यापक समर्थन और भावी योजनाएं

इस पहल को जुबीन गर्ग के छात्र जीवन के मित्रों, प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया जगत और उनके प्रशंसकों (जुबीन फैन क्लब) का भरपूर समर्थन मिल रहा है. ट्रस्ट केवल कला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और युवा कल्याण के क्षेत्रों में भी काम करेगा. परिवार ने बताया कि सुदूर क्षेत्रों में जुबीन गर्ग के नाम पर पहले ही स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं.

 

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