India’s Got Latent Show Controversy: कॉमेडी शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' की जांच तेज, मुंबई पुलिस ने कुल 42 लोगों को भेजा समन; रणवीर इलाहाबादिया, समीर रैना और अपूर्व मुखीजा को बनाया मुख्य आरोपी
विवादित कॉमेडी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले में अब तक कुल 42 लोगों को समन भेजा जा चुका है.
India’s Got Latent Show Controversy: विवादित कॉमेडी शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस मामले में अब तक कुल 42 लोगों को समन भेजा जा चुका है, जिसमें कलाकार, निर्माता और इंफ्लुएंसर शामिल हैं. मुख्य आरोप समीर रैना, अपूर्व मुखीजा और रणवीर इलाहाबादिया पर लगे हैं. महाराष्ट्र साइबर सेल के आईजी यशस्वी यादव ने बताया कि विवादित कॉमेडियन शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट मामले' के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. शो के सभी एपिसोड में शामिल सभी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
जांच के दौरान अधिकारियों ने शो के सभी वीडियो हटाने का आदेश दिया और शो के अकाउंट को भी अस्थायी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया. समीर रैना, अपूर्वा मुखीजा और रणवीर इलाहाबादिया समेत 42 लोग जांच के घेरे में हैं और अब तक उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं.
कॉमेडी शो 'इंडियाज गॉट लैटेंट' की जांच तेज
समीर रैना को वीडियो हटाने का आदेश
गौरतलब है कि शो के वायरल वीडियो में आपत्तिजनक भाषा, अश्लील कमेंट और अजीबोगरीब सवालों ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया था. इसके बाद कई लोगों ने शो का विरोध किया और बहिष्कार की मांग की थी. विवादित वीडियो में रणवीर इलाहाबादिया से एक सवाल था जिसमें उन्होंने माता-पिता की दखलंदाजी की बात कही थी. इसके चलते सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए समीर रैना को वीडियो हटाने का आदेश दिया था.
SC से मामले में हस्तक्षेप की अपील
रणवीर इलाहाबादिया ने पुलिस से उनके घर पर उनका बयान दर्ज करने का अनुरोध किया था, जिसे पुलिस ने खारिज कर दिया था. इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. समीर रैना ने एक बयान में कहा है कि वह इस मामले में पूरा सहयोग करेंगे और उन्होंने 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के सभी वीडियो हटा दिए हैं.
हालांकि, नेटिजन्स ने उनकी बयानबाजी पर असंतोष जताया है क्योंकि उन्होंने अभी तक माफी नहीं मांगी है. फिलहाल मामला तूल पकड़ता जा रहा है और सबकी निगाहें आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं.