Padma Bhushan 2026: पद्म भूषण लेने पहुंचीं सिंगर अलका याग्निक की सेहत देख फैंस हुए चिंतित, पीएम मोदी के छुए पैर; भावुक पोस्ट लिखकर दिया हेल्थ अपडेट (Watch Video)
दिग्गज पाशर्व गायिका अलका याग्निक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म भूषण से सम्मानित किया है. हालांकि, गंभीर हियरिंग लॉस (सुनने की क्षमता खोना) बीमारी से जूझ रहीं अलका याग्निक को इस दौरान सहारे से चलते देख फैंस बेहद भावुक हो गए. सोशल मीडिया पर चिंता जताए जाने के बाद खुद गायिका ने अपनी सेहत पर बड़ा अपडेट दिया है.
नई दिल्ली: अपनी जादुई आवाज से पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करने वाली देश की दिग्गज गायिका अलका याग्निक (Alka Yagnik) को मंगलवार, 23 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में आयोजित दूसरे नागरिक सम्मान समारोह (Civil Investiture Ceremony) के दौरान देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' (Padma Bhushan) से नवाजा गया. यह पल जहां पूरे देश और उनके करोड़ों फैंस के लिए बेहद गर्व का था, वहीं इस दौरान उनकी शारीरिक स्थिति को देखकर प्रशंसकों के बीच उनकी सेहत को लेकर चिंताएं भी गहरा गईं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) से सम्मान लेने के लिए जब 60 वर्षीय अलका याग्निक का नाम पुकारा गया, तो वह एक महिला स्वयंसेवक (अटेंडेंट) का सहारा लेकर बेहद धीमी और कमजोर स्थिति में मंच की ओर बढ़ती नजर आईं. पुरस्कार ग्रहण करने से पहले उन्होंने अग्रिम पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया. यह भी पढ़ें: Eetha Teaser Release: 'ईथा' में श्रद्धा कपूर का दिखा बेहद दमदार अवतार, लावणी स्टार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी को बड़े पर्दे पर जिएंगी एक्ट्रेस
'हियरिंग लॉस' की गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं अलका
इस ऐतिहासिक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही फैंस उनकी कमजोर (Frail) स्थिति को देखकर काफी भावुक हो गए और उनके जल्द ठीक होने की दुआएं करने लगे. दरअसल, अलका याग्निक पिछले दो साल से एक बेहद दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल और कान की बीमारी 'सेंसोरिन्यूरल नर्व हियरिंग लॉस' (Sensorineural Hearing Loss - SNHL) से जूझ रही हैं. जून 2024 में उन्होंने खुद एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए खुलासा किया था कि एक फ्लाइट से उतरने के बाद अचानक उनके सुनने की क्षमता चली गई थी, जो बाद में एक गंभीर वायरल अटैक के कारण हुई नर्व डैमेज के रूप में डायग्नोस हुई. इस बीमारी की वजह से उन्हें नए गानों की रिकॉर्डिंग और चकाचौंध से पूरी तरह दूरी बनानी पड़ी है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पद्म भूषण पुरस्कार लेने से पहले अलका याग्निक ने पीएम मोदी के पैर छुए - देखें वीडियो:
बढ़ती चिंताओं पर अलका याग्निक ने खुद तोड़ी चुप्पी
समारोह के वीडियो वायरल होने और फैंस की लगातार आ रही प्रतिक्रियाओं के बाद, बुधवार (24 जून) की सुबह खुद अलका याग्निक ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा की. उन्होंने राष्ट्रपति से सम्मान लेते हुए अपनी तस्वीर शेयर की और लिखा:
"पिछले दो वर्षों से, मैं चकाचौंध (Spotlight), सार्वजनिक कार्यक्रमों और अपने इस सफर को साझा करने से पूरी तरह दूर रही हूं. आप में से बहुत से लोग जानते हैं कि मैं एक बेहद कठिन स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रही हूं, और इस पूरे दौर में आपका प्यार, आपकी प्रार्थनाएं और आपका अटूट समर्थन हर कदम पर मेरे साथ रहा है."
उन्होंने आगे लिखा, "आज, जब मैं देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक - प्रतिष्ठित पद्म भूषण को प्राप्त करने के लिए बाहर कदम रख रही थी, तो मेरा दिल पूरी तरह कृतज्ञता से भरा हुआ था. यह सम्मान मुझे बेहद विनम्र बनाता है... मैं धीरे-धीरे वापसी का रास्ता तलाश रही हूं."
अलका याग्निक ने सुनने की क्षमता खोने की बात बताई - पोस्ट देखें:
सोशल मीडिया पर उमड़ा फैंस का प्यार
एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर फैंस लगातार अलका जी के जज्बे को सलाम कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "यह बेहद दुखद है कि जिस आवाज ने पूरी दुनिया को संगीत दिया, आज वह खुद तालियों की गड़गड़ाहट नहीं सुन पा रही होंगी। ईश्वर उन्हें जल्द स्वस्थ करे." वहीं एक अन्य प्रशंसक ने लिखा, "बचपन में हमें गायकों के बारे में ज्यादा नहीं पता होता था, बस इतना जानते थे कि जब भी अलका याग्निक का कोई गाना बजता था, तो जिंदगी थोड़ी बेहतर लगने लगती थी। वह इस सम्मान की हकदार हैं."
अलका याग्निक की बेमिसाल संगीत विरासत
गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर भारत सरकार द्वारा अलका याग्निक के लिए पद्म भूषण की घोषणा की गई थी. चार दशकों से अधिक लंबे करियर में अलका याग्निक ने 25 से अधिक भाषाओं में 22,000 से ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए हैं. उन्होंने दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सात फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम किए हैं. उनका आखिरी रिकॉर्डेड गाना साल 2024 में आई इम्तियाज़ अली की फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' का "नरम कालजा" था, जिसे एआर रहमान ने कंपोज किया था. भले ही वह आज एक कठिन बीमारी से लड़ रही हैं, लेकिन उनकी सुरीली आवाज आज भी दुनिया भर के करोड़ों दिलों में जिंदा है.