K. Bhagyaraj Passes Away: तमिल फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका, अभिनेता और निर्देशक के. भाग्यराज का 73 साल की उम्र में निधन

तमिल सिनेमा के मशहूर अभिनेता, निर्देशक और पटकथा लेखक के. भाग्यराज का चेन्नई के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया है. 73 वर्षीय भाग्यराज को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके निधन से पूरे दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है.

Bhagyaraj Passes Away

 K. Bhagyaraj Passes Away:  तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता, निर्देशक और बेहतरीन पटकथा लेखक के. भाग्यराज का शनिवार, 27 जून 2026 को चेन्नई में निधन हो गया. वह 73 वर्ष के थे. अपोलो अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, भाग्यराज को उनके आवास पर अचानक दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ा था, जिसके बाद उन्हें बेहोशी की हालत में तुरंत ग्रीम्स रोड स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

अस्पताल ने की पुष्टि

अपोलो अस्पताल के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही उनका निधन हो चुका था. उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके चेन्नई स्थित निवास पर ले जाया गया है. दिग्गज फिल्म निर्माता के आकस्मिक निधन की खबर फैलते ही पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री (कॉलीवुड) और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर छा गई है. सिनेमा जगत की कई हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है.  यह भी पढ़े: Munawwar Rana Passes Away: नहीं रहे मशहूर शायर मुनव्वर राना, लखनऊ के PGI में हुआ निधन, PM मोदी ने जताया शोक

तमिल फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका

'पटकथा के राजा' का फिल्मी सफर

7 जनवरी 1953 को इरोड जिले के गोबीशेट्टीपलायम के पास वेल्लनकोविल में जन्मे कृष्णस्वामी भाग्यराज ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत प्रसिद्ध निर्देशक के. भारतीराजा के सहायक के रूप में की थी. उन्होंने साल 1979 में फिल्म 'सुवरिल्लाथा चिथिरंगल' से एक स्वतंत्र निर्देशक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. तमिल सिनेमा में अपनी अनूठी और कसी हुई पटकथाओं के कारण उन्हें 'स्क्रीनप्ले किंग' (पटकथा का राजा) भी कहा जाता था.

बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे भाग्यराज

के. भाग्यराज भारतीय सिनेमा के उन गिने-चुने कलाकारों में से थे जो अपनी फिल्मों की कहानी और पटकथा खुद लिखते थे, संगीत तैयार करते थे, निर्देशन करते थे और मुख्य अभिनेता के तौर पर कैमरे के सामने भी नजर आते थे. उन्होंने 'मुंधानई मुदिचू', 'अंधा 7 नाटकाली', 'मौन गीथंगल' और 'चिन्ना वीडू' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. 1983 की फिल्म 'मुंधानई मुदिचू' के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था.

परिवार और विरासत

के. भाग्यराज अपने पीछे पत्नी व अभिनेत्री पूर्णिमा भाग्यराज, बेटी सरन्या भाग्यराज और बेटे शांतनु भाग्यराज को छोड़ गए हैं. शांतनु भी तमिल सिनेमा में एक सक्रिय अभिनेता हैं. भाग्यराज का निधन तमिल फिल्म उद्योग के लिए एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि केवल दो सप्ताह पहले ही उनके गुरु और दिग्गज फिल्म निर्माता के. भारतीराजा का भी निधन हुआ था. मनोरंजन जगत की हस्तियां और प्रशंसक सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं.

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