Sensex-Nifty Crash: पश्चिम एशिया तनाव से बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 800 अंक टूटा, निफ्टी 23,100 के नीचे

Sensex-Nifty Crash: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सोमवार को भारी गिरावट के साथ हुई. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर खुले. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सेंसेक्स 800 से अधिक अंक यानी 1.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,421.61 पर खुला. वहीं, निफ्टी 286 अंक यानी 1.22 प्रतिशत टूटकर 23,080.70 पर पहुंच गया. भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट: ईरान युद्ध पर ट्रंप के भाषण से वैश्विक बाजारों में हड़कंप; सेंसेक्स 872 और निफ्टी 300 अंक टूटा

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी, मेटल, ऑटो और आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली. रियल्टी इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर में 1 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी दर्ज की गई. निफ्टी के प्रमुख कमजोर शेयरों में विप्रो, टीसीएस, हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे.

सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार पर भी दबाव देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100, मिडकैप 150 और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1 प्रतिशत तक फिसल गए. इस बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया. इंडिया वीआईएक्स (India VIX) करीब 15 प्रतिशत उछलकर 18 के आसपास पहुंच गया, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है.

विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी की तकनीकी स्थिति अभी भी कमजोर बनी हुई है. सूचकांक महत्वपूर्ण मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है और लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न बना हुआ है, जो लगातार बिकवाली के संकेत देता है. तकनीकी स्तरों की बात करें तो निफ्टी के लिए 23,100-23,000 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 23,500-23,700 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस मौजूद है.

निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है. इजरायल द्वारा लेबनान में नए हमलों और ईरान के कई शहरों में विस्फोटों की खबरों ने आशंका बढ़ा दी है कि संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है. इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है.

हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौते की संभावना अभी भी बनी हुई है और उन्होंने कथित तौर पर इजरायली नेतृत्व से तनाव को और न बढ़ाने की अपील की है. कच्चे तेल की कीमतों में भी जोरदार तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 4 प्रतिशत बढ़कर 96.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 4.64 प्रतिशत उछलकर 94.75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा. एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा. जापान का निक्केई करीब 4 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 5 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया.