ITC Infotech Merger: क्या हैपिएस्ट माइंड्स में होगी छंटनी? सीईओ ने कर्मचारियों की नौकरियों और विलय योजना पर स्थिति की स्पष्ट
आईटी कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज के शीर्ष नेतृत्व ने आईटीसी इन्फोटेक के साथ विलय के बाद कर्मचारियों की छंटनी की आशंकाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया है. कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि यह सौदा लागत में कटौती के लिए नहीं, बल्कि डिजिटल डेटा, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उन्नत क्षमताओं व तकनीकी प्रतिभाओं को जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है.
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बेंगलुरु: बेंगलुरु स्थित प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता कंपनी हैपिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज (Happiest Minds Technologies) के नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि आईटीसी इन्फोटेक (ITC Infotech) के साथ प्रस्तावित विलय के बाद किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं की जाएगी. कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, इस बहु-करोड़ डॉलर के सौदे का मुख्य आधार कार्यबल (टैलेंट) का विस्तार और उन्नत तकनीकी क्षमताओं को हासिल करना है.
विलय की आधिकारिक घोषणा के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी प्रबंधन ने बताया कि आईटीसी के साथ हुए समझौते की प्राथमिक शर्तों में सभी मौजूदा कर्मचारियों और प्रबंधन दल को बनाए रखना शामिल है. यह भी पढ़ें: Zomato Layoffs: जोमैटो के 240 हैदराबाद कर्मचारियों को मिलेगा 4 महीने का सेवरेंस पे, जानें क्या-क्या मिलेगा
छंटनी की गुंजाइश नहीं: डिजिटल और AI क्षमताओं पर जोर
हैपिएस्ट माइंड्स के सीईओ जोसेफ अनंतराजू (Joseph Anantharaju) ने कर्मचारियों की निरंतरता पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
"आईटीसी की प्रमुख शर्तों और अनुरोधों में से एक यह था कि हैपिएस्ट माइंड्स का प्रत्येक कर्मचारी कंपनी में बना रहे. इस अधिग्रहण का मुख्य कारण डिजिटल डेटा, साइबर सुरक्षा और एआई में हमारी गहरी तकनीकी क्षमताएं हैं, जिन्हें आईटीसी खोना नहीं चाहती."
कंपनी के प्रबंध निदेशक वेंकटरमण नारायणन ने बताया कि दोनों कंपनियों का परिचालन उपयोग (Utilisation Rate) काफी उच्च स्तर पर है—आईटीसी इन्फोटेक का 83 से 84 प्रतिशत और हैपिएस्ट माइंड्स का 80 प्रतिशत. ऐसे में अतिरिक्त कर्मचारियों की कोई अधिकता नहीं है. इसके अलावा, दोनों कंपनियों के क्लाइंट पोर्टफोलियो और मुख्य कार्य क्षेत्रों में ओवरलैप (समानता) न के बराबर है. नारायणन ने जोर देकर कहा कि एआई के युग में भी डिलीवरी और निगरानी के लिए मानव प्रतिभा की आवश्यकता अनिवार्य है.
सौदे का ढांचा और रणनीतिक लक्ष्य
इस लेनदेन के तहत आईटीसी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आईटीसी इन्फोटेक, हैपिएस्ट माइंड्स में 22.1% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी.
- अधिग्रहण मूल्य: यह सौदा लगभग ₹1,330 करोड़ में तय हुआ है, जिसके तहत प्रमोटर अशोक सूटा और अशोक सूटा मेडिकल रिसर्च एलएलपी से 3,36,61,700 इक्विटी शेयर दो चरणों में खरीदे जाएंगे.
- 1 बिलियन डॉलर का लक्ष्य: हिस्सेदारी खरीद के बाद हैपिएस्ट माइंड्स का आईटीसी इन्फोटेक में समामेलन (Amalgamation) होगा. इस विलय का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2028 तक 1 अरब डॉलर (USD 1 Billion) के कारोबार वाली एआई-फर्स्ट (AI-first) एंटरप्राइज तैयार करना है.
- 19,000 से अधिक कर्मचारी: संयुक्त कंपनी हाई-टेक, हेल्थकेयर और एडुटेक जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में 19,000 से अधिक वैश्विक कार्यबल के साथ काम करेगी.
शेयरधारिता और लिस्टिंग योजना
इस विलय प्रक्रिया को आगामी 15 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है:
- समामेलन पूरा होने के बाद नई संयुक्त इकाई में आईटीसी लिमिटेड की 4% हिस्सेदारी होगी, जबकि हैपिएस्ट माइंड्स के सार्वजनिक शेयरधारकों के पास 26.6% हिस्सेदारी रहेगी.
- विलय की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आईटीसी इन्फोटेक को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) दोनों पर सूचीबद्ध (List) कराया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 01, 2026 07:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

