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PayPal Layoffs: फिनटेक दिग्गज पेपाल ने भारत में की करीब 600 कर्मचारियों की छंटनी; बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद ऑफिस पर असर

अमेरिकी वित्तीय प्रौद्योगिकी दिग्गज पेपाल होल्डिंग्स (PayPal Holdings) ने अपने वैश्विक पुनर्गठन और लागत कटौती अभियान के तहत भारत में लगभग 600 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी है. इस छंटनी का असर कंपनी के चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित टेक्नोलॉजी केंद्रों के इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट्स और फाइनेंस टीमों पर पड़ा है.

PayPal Layoffs: फिनटेक दिग्गज पेपाल ने भारत में की करीब 600 कर्मचारियों की छंटनी; बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद ऑफिस पर असर
PayPal Logo (Photo Credits: PayPal)

नई दिल्ली/बेंगलुरु: प्रमुख अमेरिकी डिजिटल भुगतान और फिनटेक कंपनी पेपाल होल्डिंग्स (PayPal) ने अपने वैश्विक पुनर्गठन के तहत भारत में बड़ा झटका दिया है. कंपनी ने अपने भारतीय परिचालन से जुड़े लगभग 600 कर्मचारियों (कुल वर्कफोर्स का करीब 10 प्रतिशत) को नौकरी से निकाल दिया है. 

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छंटनी कंपनी के चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद स्थित प्रमुख कार्यालयों में की गई है, जिससे टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, ऑपरेशंस, पेमेंट सिस्टम्स और फाइनेंस से जुड़े विभाग प्रभावित हुए हैं. यह भी पढ़ें: Tech Layoffs 2026: AI बूम के बीच ग्लोबल टेक कंपनियों में भारी छंटनी; Oracle, Meta, Microsoft और Amazon समेत दिग्गजों ने घटाए हजारों पद

बिना पूर्व सूचना अचानक हुई छंटनी, सिस्टम एक्सेस तत्काल बंद

प्रभावित कर्मचारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को पहले से कोई औपचारिक नोटिस नहीं दिया गया था:

  • कॉल के तुरंत बाद कार्रवाई: 31 अगस्त की सुबह कर्मचारियों को एक मीटिंग कॉल में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया. मीटिंग में देश भर के कई दफ्तरों के कर्मचारियों को सेवा समाप्ति की सूचना दी गई और कॉल समाप्त होते ही कंपनी के आंतरिक सिस्टम का उनका एक्सेस तत्काल रद्द कर दिया गया.

  • सेवरेंस पैकेज पर असमंजस: प्रभावित कर्मियों को ऑफ-बोर्डिंग ईमेल भेजकर प्रक्रिया की जानकारी दी गई. उन्हें नौकरी खोजने में सहायता (Job Placement Assistance) और सेवरेंस पे के रूप में एक महीने का वेतन देने का वादा किया गया है, हालांकि कर्मचारी अभी भी फुल एंड फाइनल सेटलमेंट के स्पष्ट विवरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

चरणबद्ध तरीके से लागू हो रही वैश्विक योजना

पेपाल की यह छंटनी दुनिया भर में चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है:

  • एशिया-पैसिफिक से शुरुआत: छंटनी की प्रक्रिया एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र से शुरू की गई, जिसके तहत भारत में कर्मचारियों को सूचित किया गया.

  • यूरोप और अन्य क्षेत्रों पर असर: इसी दिन आयरलैंड में भी लगभग 164 कर्मचारियों (वहां के कार्यबल का करीब 12%) की छंटनी की गई. इसके अलावा अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (EMEA) की टीमों में भी कर्मचारियों को फैसलों की जानकारी दी गई है.

  • वैश्विक कार्यबल में 20% कटौती का लक्ष्य: पेपाल प्रबंधन ने मई में घोषणा की थी कि वह अगले दो से तीन वर्षों में अपने वैश्विक कार्यबल में 20 प्रतिशत की कटौती करेगा, जिससे कंपनी को 1.5 अरब डॉलर की बचत होगी. 2025 के अंत में पेपाल के वैश्विक स्तर पर करीब 23,800 कर्मचारी थे, जिसके आधार पर कुल मिलाकर लगभग 4,760 पदों पर कैंची चलने का अनुमान है.

भारत में पेपाल का मजबूत तकनीकी आधार

भारत पेपाल के अंतरराष्ट्रीय तकनीकी बुनियादी ढांचे की रीढ़ रहा है:

  • चेन्नई (2008): अमेरिका के बाहर कंपनी का सबसे बड़ा तकनीकी केंद्र है, जहां कोर पेमेंट प्लेटफॉर्म्स, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल तकनीक पर काम होता है.

  • बेंगलुरु: यह केंद्र इनोवेशन लैब के रूप में काम करता है और मशीन लर्निंग (ML), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व डेटा साइंस के प्रोजेक्ट्स संभालता है.

  • हैदराबाद (2019): रिस्क मैनेजमेंट, फ्रॉड प्रिवेंशन और छोटे-मझोले कारोबारियों (SMBs) को तकनीकी सपोर्ट देने पर केंद्रित है.

भारतीय GCC सेक्टर में पुनर्गठन का व्यापक दौर

पेपाल की यह छंटनी भारत में संचालित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में चल रहे व्यापक बदलावों का हिस्सा है:

  • टेक कंपनियों द्वारा एआई-सक्षम ऑटोमेशन अपनाने और लागत नियंत्रण पर ध्यान केंद्रित करने के चलते कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत स्थित केंद्रों के संगठनात्मक ढांचे को नया रूप दे रही हैं.

  • हाल के दिनों में ओरेकल (Oracle), उबर (Uber), वेल्स फार्गो और वॉलमार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा भी भारत स्थित हब्स में रोल्स के पुनर्गठन और छंटनी के मामले सामने आए हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 03, 2026 11:03 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).