PhonePe Mega Hiring: फिनटेक कंपनी फोनपे करेगी 20,000 फ्रंटलाइन कर्मचारियों की भर्ती; 50 लाख नए पेमेंट डिवाइस लगाकर गांवों तक पहुंचेगा डिजिटल नेटवर्क
देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी फोनपे ने भारत के दूरदराज के कस्बों और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल भुगतान के विस्तार के लिए एक बड़े रणनीतिक अभियान की घोषणा की है. कंपनी अगले एक साल के भीतर अपने पेरोल पर 20,000 से अधिक फ्रंटलाइन सेल्स कर्मचारियों की भर्ती करेगी। इसके साथ ही अगले 12 महीनों में 50 लाख से अधिक नए पेमेंट डिवाइसेज बाजार में उतारे जाएंगे.
बेंगलुरु/नई दिल्ली: भारतीय डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति को मजबूत करते हुए फिनटेक दिग्गज फोनपे (PhonePe) ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में बड़े विस्तार की योजना का अनावरण किया है. कंपनी ने घोषणा की है कि वह अगले 12 महीनों के दौरान 20,000 से अधिक फ्रंटलाइन सेल्स प्रोफेशनल्स को सीधे अपने ऑन-रोल पेरोल पर जोड़ेगी.
इस नई भर्ती का मुख्य उद्देश्य देश के टियर-6 कस्बों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जोड़ना है. इसके साथ ही कंपनी 50 लाख से अधिक साउंडबॉक्स और पीओएस (POS) मशीनें तैनात करेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में नकदी रहित लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा. यह भी पढ़ें: UPI New Rules Explained: 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर मर्चेंट चार्ज को लेकर NPCI के विस्तृत FAQ जारी; जानिए आम जनता और व्यापारियों पर क्या होगा असर
विस्तार की मुख्य प्रेरक शक्तियां और नीतिगत समर्थन
कंपनी नेतृत्व के अनुसार, यह आक्रामक विस्तार हालिया नियामकीय और नीतिगत सुधारों के बाद संभव हुआ है:
- स्थिर एमडीआर (MDR) ढांचा: हाल ही में घोषित मर्चेंट डिस्काउंट रेट व्यवस्था ने फिनटेक क्षेत्र को दीर्घकालिक राजस्व और निवेश की स्पष्टता दी है. इससे कंपनियों के लिए नए व्यापारियों को जोड़ने और इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने में निरंतर पूंजी लगाना सुगम हो गया है.
- ग्रामीण विस्तार के लिए 5% फंड: फोनपे ने एकत्र किए गए कुल एमडीआर का 5 प्रतिशत हिस्सा एक विशेष फंड के रूप में अलग रखने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग केवल सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे दुकानदारों को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने में किया जाएगा.
- लेबर कोड सुधारों का लाभ: नए श्रम सुधारों और अनुपालन नियमों के तहत औपचारिक नियुक्तियों की प्रक्रिया आसान हुई है, जिससे कंपनी बिना किसी रुकावट के हजारों युवाओं को ऑन-रोल रोजगार देने में सक्षम हो रही है.
छोटे कारोबारियों के लिए वित्तीय समावेशन का नया चरण
भारत वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम संचालित करता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इसके अगले चरण की वृद्धि ग्रामीण व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी:
- ऑन-ग्राउंड सहायता: फोनपे की 20,000 सदस्यीय नई टीम सीधे कस्बों और गांवों में जाकर किराना स्टोर, फल-सब्जी विक्रेताओं और स्थानीय सेवा प्रदाताओं से संपर्क करेगी.
- केवाईसी और डिवाइस इंस्टॉलेशन: यह टीम व्यापारियों का जरूरी केवाईसी (KYC) सत्यापन पूरा कराएगी, स्मार्टस्पीकर और पीओएस टर्मिनल लगाएगी और उन्हें परिचालन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान देगी.
- आसान संस्थागत कर्ज: औपचारिक डिजिटल पेमेंट नेटवर्क और केवाईसी से जुड़ने से इन छोटे व्यापारियों का लेन-देन रिकॉर्ड (Transaction Footprint) तैयार होगा, जिससे उन्हें बैंकों और वित्तीय संस्थानों से कारोबार विस्तार के लिए रियायती दरों पर ऋण मिल सकेगा.
ग्रामीण भारत में 25 लाख से अधिक उपकरणों की तैनाती
फोनपे की इस योजना के तहत अगले एक साल में कुल 50 लाख पेमेंट डिवाइसेज बाजार में उतारे जाएंगे. इनमें से कम से कम 25 लाख डिवाइस विशेष रूप से टियर-6 और गहरे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे, जहां अब भी नकद लेन-देन का दबदबा है.
कंपनी का मानना है कि ध्वनि आधारित पेमेंट अलर्ट (SmartSpeakers) से अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे दुकानदारों में धोखाधड़ी का डर खत्म होता है और डिजिटल लेन-देन के प्रति विश्वास बढ़ता है. यह कदम देश में फिनटेक रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर वित्तीय समावेशन को नई गति देगा.