विदेश की खबरें | जिम्बाब्वे के सत्ताधारी दल ने अमेरिकी राजदूत को बताया ‘ठग’

जिम्बाब्वे सरकार ने हाल के हफ्तों में अमेरिकी दूतावास पर सरकार विरोधी गतिविधियों का समर्थन करने का आरोप लगाना तेज कर दिया है। सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी ढहती अर्थव्यवस्था के बीच भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के नए आरोपों को लेकर राष्ट्रपति एमर्सन मननगाग्वा पर दबाव बना रहे हैं।

दूतावास ने हालांकि दक्षिण अफ्रीकी देश में स्थानीय राजनीति में दखल देने के आरोपों को खारिज किया है।

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सत्ताधारी जानू-पीएफ पार्टी के प्रवक्ता पैट्रिक चिनामासा ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राजदूत ब्रायन निकोलस और “गैंगेस्टरों की एक चौकड़ी” को गड़बड़ी फैलाने, समन्वित हिंसा और विद्रोहियों को प्रशिक्षण देने के लिये “संसाधन और पैसे” देना बंद करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “हमारा नेतृत्व उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने से हिचकेगा नहीं।”

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प्रवक्ता ने कहा, “राजनयिकों को ठगों की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए और ब्रायन निकोलस एक ठग हैं।”

दूतावास ने तत्काल इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं की है। हालांकि पूर्व में अमेरिकी दूतावास मननगाग्वा सरकार से मानवाधिकारों का सम्मान करने का अनुरोध करता रहा है।

एपी

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