देश की खबरें | योगी ने पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन की जयंती पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि जीवन में महानता का मानक केवल नीचे से ऊपर जाना नहीं होता है और कोई व्यक्ति जब शून्य से शिखर की यात्रा को अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से प्राप्त करता है तो वह महानता के मानक तय करता है। उन्होंने कहा कि लालजी टंडन की जीवन यात्रा शून्य से शिखर की है।
लखनऊ, 12 अप्रैल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि जीवन में महानता का मानक केवल नीचे से ऊपर जाना नहीं होता है और कोई व्यक्ति जब शून्य से शिखर की यात्रा को अपने पुरुषार्थ और परिश्रम से प्राप्त करता है तो वह महानता के मानक तय करता है। उन्होंने कहा कि लालजी टंडन की जीवन यात्रा शून्य से शिखर की है।
योगी ने कहा कि भारतीय जनसंघ के कार्यकर्ता, एक पार्षद, एक विधायक, एक सांसद और राज्यपाल के रूप में टंडन जी ने जीवनपर्यंत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विकास के क्रम को आगे बढ़ाने का काम किया।
एक सरकारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बुधवार को पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन की जयंती के अवसर पर काली चरण महाविद्यालय में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया।
बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही महाविद्यालय में शताब्दी विस्तार भवन का नाम अब लालजी टंडन भवन हो गया है।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अहंकार टंडन जी को कभी छू नहीं पाया और एक कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने अपनी जो राजनीतिक यात्रा प्रारम्भ की थी, वही सज्जनता और सादगी जीवन पर्यंत उनमें दिखाई पड़ती रही।
उन्होंने कहा कि कालीचरण महाविद्यालय के साथ उनका लंबा जुड़ाव रहा है। लालजी टंडन जी ने यहां के भवनों को जिस रूप में बनाया है वह दर्शनीय है।
उन्होंने कहा कि यह कैंपस आजादी के आंदोलन का साक्षी रहा है, और इस संस्थान से मूर्धन्य साहित्यकार और वैज्ञानिक निकले हैं। हिंदी गद्य के प्रख्यात साहित्यकार श्याम सुंदर दास यहां के पहले प्राचार्य थे। अनेक साहित्यकार, समाजसेवी, वैज्ञानिक और राजनीतिज्ञों को जन्म देने का कार्य इस संस्थान ने किया है।
उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन का माध्यम शिक्षा ही बन सकती है। इस क्षेत्र में हम जितना सहयोग करेंगे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उतना परिवर्तन दिखाई देगा, आज उत्तर प्रदेश में जो भी परिवर्तन आया है, शिक्षा उसके मूल में है।
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